सात अक्टूबर को हमास आतंकवादियों ने अचानक से इस्राइल पर हमला कर दिया था। इससे जहां इस्राइल में हमास के हमले में 1400 लोगों की जान चली गई है, वहीं गाजा पट्टी पर इस्राइल की जवाबी कार्रवाई में मौतों का आंकड़ा अबतक 5800 के पार जा चुका है।
इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष शुरू हुए अब दो हफ्ते से ज्यादा समय हो चुका है। हमलों में मौतों का आंकड़ा सात हजार के पार चला गया है। संघर्ष रुकने की बजाय और तेज होता जा रहा है। इस्राइल गाजा पर जमीनी हमला भी करने के लिए तैयार है। इस बीच, कई देश लगातार हमले न करने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने साफ कर दिया है कि इस्राइल अपने फैसले खुद ले सकता है।
इतने लोग मारे गए
अमेरिकी राष्ट्रपति की दो टूक
बाइडन मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ तस्वीर खिंचवा रहे थे। इसी दौरान उनसे सवाल पूछा गया, ‘क्या आप इस्राइल से अपने जमीनी आक्रमण में देरी करने का आग्रह कर रहे हैं?’ इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस्राइल अपने फैसले खुद ले सकता है।
तीन चरणों में हमले की योजना
बंधकों को बाहर निकालने की कोशिश
व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में रणनीतिक संचार के समन्वयक जॉन किर्बी ने पत्रकारों से कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करना जारी रखेगा कि इस्राइल के पास अपनी रक्षा के लिए आवश्यक उपकरण और क्षमताएं हों। हम बंधकों व लोगों को उचित रूप से गाजा से बाहर निकालने की कोशिश जारी रखने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'अभी संघर्ष विराम से वास्तव में केवल हमास को फायदा ही होगा। हम अपने इस्राइली समकक्षों से नागरिकों के हताहत होने से बचने और उन्हें कम करने तथा निर्दोष लोगों के जीवन का सम्मान करने तथा हमास के वैध ठिकानों के पीछे पड़ने वाले नुकसान को रोकने की कोशिश के महत्व के बारे में बात करना जारी रखेंगे।’
यह गन्दा होने जा रहा...
किर्बी ने कहा, ‘यह युद्ध है, यह लड़ाई है, यह खूनी है, यह बहुत बुरा है और यह गन्दा होने जा रहा है। आगे बढ़ने के लिए निर्दोष नागरिकों को चोट पहुंचाई जाएगी। काश मैं आपको कुछ अलग बता पाता। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, 'मैं चाहता हूं कि ऐसा नहीं होने जा रहा हो, लेकिन यह होने जा रहा है। यह सही नहीं है। इसे खारिज नहीं किया जा सकता। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हम अभी भी इसके बारे में चिंता व्यक्त नहीं कर रहे हैं। इसको कम करने के लिए इस्राइलियों की मदद करने के लिए हम जो कुछ भी कर सकते हैं वह करेंगे, लेकिन दुर्भाग्य से यह संघर्ष की प्रकृति है।