फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

क्या दिवाली प्रदूषण की वजह?: बिना त्योहार चीन-पाक में हवा बेहद खराब, टॉप-10 प्रदूषित शहरों में तीन भारत के

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर/बीजिंग/नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Fri, 05 Nov 2021 03:32 PM IST

सार

दुनियाभर के एयर क्वालिटी इंडेक्स पर निगरानी रखने वाली संस्था आईक्यू एयर (IQ Air) के आंकड़ों पर गौर करें, तो सामने आता है कि शुक्रवार को दिल्ली में एक्यूआई सबसे ऊंचे स्तर पर रहा। इसका औसत आंकड़ा 410 के करीब पहुंच गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन
पाकिस्तान के लाहौर और चीन के बीजिंग में बेहद खतरनाक रहा प्रदूषण का स्तर। - फोटो : Social Media


दुनियाभर के एयर क्वालिटी इंडेक्स पर निगरानी रखने वाली संस्था आईक्यू एयर (IQ Air) के आंकड़ों पर गौर करें, तो सामने आता है कि शुक्रवार को दिल्ली में एक्यूआई सबसे ऊंचे स्तर पर रहा। इसका औसत आंकड़ा 410 के करीब पहुंच गया। हालांकि, दिवाली के बावजूद दूसरे नंबर पर कोई भारतीय शहर नहीं, बल्कि चीन का बीजिंग रहा, जहां एक्यूआई 219 के करीब दर्ज किया गया है। इसी तरह तीसरे नंबर पर भी भारत का कोई शहर नहीं, बल्कि पाकिस्तान का लाहौर (एक्यूआई: 208) रहा।


सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाले टॉप-10 शहरों पर नजर डाली जाए, तो भारत के तीन शहर इस लिस्ट में शामिल हैं। पहले नंबर पर दिल्ली के बाद भारत के किसी शहर का नाम लिस्ट में 7वें नंबर पर है। यह शहर है मुंबई, जहां एक्यूआई 169 दर्ज किया गया। इसके ठीक बाद कोलकाता 8वें नंबर पर है और यहां एक्यूआई 164 रहा। 


उधर लिस्ट में चीन के तीन और पाकिस्तान के दो शहरों के नाम भी शामिल हैं। दूसरे नंबर पर बीजिंग, तो वहीं 6वें नंबर चीन के शेनयांग (एक्यूआई: 169) का नाम है। इसके बाद 9वें स्थान पर चीन का वुहान है, जहां एक्यूआई 157 रिकॉर्ड हुआ। पाकिस्तान से लाहौर (एक्यूआई: 208) लिस्ट में तीसरे नंबर पर है, जबकि कराची (एक्यूआई: 188) पांचवें स्थान पर है। 


क्या हैं साफ हवा के मानक?

एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को किसी क्षेत्र के एक क्यूबिक मीटर दायरे में हवा में पीएम-2.5 प्रदूषकों की मौजूदगी के आधार पर मापा जाता है। इसे कुल छह वर्गों में बांटा गया है... 


1. इसमें सबसे पहले आता है एक्यूआई 0-50 तक। यानी हवा में पीएम 2.5 प्रदूषकों का स्तर प्रति क्यूबिक मीटर में 0 से 50 तक ही सीमित है। यह स्थिति आदर्श कही जाती है और इस स्तर के एक्यूआई वाले क्षेत्रों को प्रदूषण रहित कहा जाता है।


2. एक्यूआई 51-100 का मतलब है कि किसी क्षेत्र में हवा में प्रदूषकों की मौजूदगी है, लेकिन इससे स्वास्थ्य पर कोई खास नुकसान नहीं हो रहा। इस स्तर को मॉडरेट भी कहा जाता है। 
विज्ञापन


3. एक्यूआई 101-150 का स्तर संवेदनशील वर्ग के लिए खतरनाक है। यानी जो लोग सांस संबंधी बीमारी या अस्थमा से जूझ रहे हैं। उनके लिए प्रदूषण का यह स्तर खराब कहा जाता है। 


4. एक्यूआई 151-200 का स्तर अस्वस्थ के वर्ग में रखा जाता है। इस दौरान लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है और सांस की बीमारियां भी पैदा होने का खतरा रहता है। 


5. एक्यूआई 201-300 का मतलब किसी क्षेत्र में हवा का स्तर बेहद खराब है। इसे आपात स्थिति कहा जाता है और इसमें स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सरकार की तरफ से वॉर्निंग भी जारी की जाती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए बाहर निकलने की भी एडवायजरी जारी होती है। 


6. एक्यूआई 300+ का मतलब है कि हवा खतरनाक रूप से खराब है और लोगों को एक से ज्यादा स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। इस दौरान सभी लोगों को बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
विज्ञापन
Next