नीदरलैंड के एडे में लोगों को बंधक बनाए जाने की घटना सामने आई है। पुलिस को काफी मशक्कत करने के बाद हालात पर काबू पाने में सफलता मिली। डच पुलिस के मुताबिक, एडे में एक क्लब से बाहर निकले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, यहां शनिवार को लोगों को कई घंटों तक बंधक बना लिया गया था। आखिरी बंधक को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, क्लब से बाहर निकलने वाले व्यक्ति ने बालाक्लावा मास्क पहना था। वह हवा में हाथ उठाकर क्लब से बाहर निकला, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
इससे पहले खबर आई थी कि हथियारों और विस्फोटकों से लैस एक शख्स ने एडे के क्लब में कई लोगों को बंधक बना लिया है। पुलिस ने मामले में आतंकवादी एंगल से इनकार किया था। पुलिस ने बताया था कि उन्होंने इलाके के 150 घरों को खाली करा लिया है और घटनास्थल पर विशेष इकाइयां तैनात की गई हैं। घटनास्थल पर रोबोट, विस्फोटक रोधी इकाइयां और पुलिस देखी गईं।
समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 'पेटीकोट नाइट क्लब' शहर के बीच में स्थित है। ऐहतियातन एडे से आने-जाने वाली ट्रेनें रद्द कर दी गई थीं। इसके अलावा एडे में सभी दुकानें भी बंद रखने के निर्देश दिए गए थे।
पुलिस ने गिरफ्तारी और अंतिम बंधक को रिहा कराने की पुष्टि तो की लेकिन घटना का पूरा विवरण साझा नहीं किया। जानकारी के मुताबिक, सशस्त्र पुलिस द्वारा हाथ खड़ा कर घुटनों के बल बैठने का आदेश देने से पहले वह व्यक्ति क्लब से बाहर चला गया। बाहर उसे गिरफ्तार करने और हथकड़ी पहनाए जाने के बाद मौके पर मौजूद पुलिस वाहन से उसे ले जाया गया। पुलिस ने ‘एक्स’ पर कहा, फिलहाल घटना के पीछे आतंकी मंशा के संकेत नहीं मिले हैं। पूरे मामले को विशेषज्ञ शरणार्थी संकट से भी जोड़ा जा रहा है।
शरणार्थी समस्या गंभीर
नीदरलैंड में शरणार्थी समस्या काफी गंभीर हो चुकी है। गत वर्ष जुलाई में प्रवासन नीति पर गठबंधन दलों में मतभेदों के बाद डच सरकार तक गिर गई। अनुमान है कि इस वर्ष शरणार्थियों का आंकड़ा और अधिक बढ़ सकता है।
अधिकांश प्रवासी सीरिया, इराक से
नीदरलैंड समेत यूरोपीय देशों में अधिकांश शरणार्थी सीरिया और इराक जैसे देशों से पहुंचे हैं। यह अवैध प्रवासन सामान्य से तीन गुना अधिक है।
जर्मनी पर दबाव, यूरोपीय देश सख्त
जर्मन नगर-पालिकाएं कह रही हैं कि नए लोगों के लिए आवास पर दबाव बढ़ रहा है। ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रिया व नीदरलैंड भी सख्त उपाय अपना रहे हैं।