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Nepal: प्रचंड ने यूक्रेन के खिलाफ सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती पर जताई चिंता, रूस सरकार को भेजा राजनयिक नोट

Sun, 21 Jan 2024 11:29 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू

सार

Nepal: नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने रूसी सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती पर चिंता जताई है। उन्होंने रूसी सरकार को एक राजनयिक नोट भेजकर तत्काल इसे रोकने को कहा है। 
 
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पुष्प कमल दहल प्रचंड - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने उन नेपाली सैनिकों को लेकर चिंता जताई है, जो रूसी सेना में भर्ती होने के बाद से परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मॉस्को से इस भर्ती को तुरंत रोकने को कहा है। प्रचंड कंपाला में गुट निरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) के 19वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।

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नेपाली युवाओं की भर्ती पर क्या बोले प्रचंड
प्रचंड ने कहा कि वह इसे रोकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के पास ऐसी कोई नीति नहीं है, जिससे नेपाली सैनिकों को भारत और ब्रिटेन के अलावा किसी अन्य देश में सैन्य बल में शामिल होने की अनुमति दी जाए। उन्होंने आगे कहा, 'सरकार इन खबरों को लेकर बहुत चिंतित और गंभीर है कि नेपाली युवाओं को रूसी बलों में भर्ती किया गया है। उन्हें रूस-यूक्रेन युद्ध में शामिल किया गया है। सरकार की ओर से हमारे पास ऐसी कोई नीति नहीं है।'

रूसी उप विदेश मंत्री से मुद्दे पर बातचीत
उन्होंने बताया कि नेपाल के विदेश मंत्री एनपी सऊद के कार्यालय ने रूस के उप विदेश मंत्री वर्शिनिन सर्गेई वासिलिविच से बात की है। इस दौरान उन्होंने नेपाली सैनिकों को रूस की सेना में भर्ती न करने और सेना में पहले शामिल हो चुके युवाओं को वापस भेजने का अनुरोध किया। नेपाल के कम से कम 200 युवा अवैध चैनलों के जरिए रूसी सेना में शामिल हुए हैं। उनमें से बारह पहले ही यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ते हुए अपनी जान गंवा चुके हैं।
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मामले पर रूस को भेजा राजनयिक नोट
प्रधानमंत्री प्रचंड ने यह भी बताया कि इस मामले पर रूसी सरकार को राजनयिक नोट भेजा गया है। विदेश मंत्री सऊद ने इस मुद्दे पर बार-बार बात की है। प्रचंड ने कहा कि युद्ध में जान गंवाने वाले युवाओं के संबंध में भी बातचीत हुई है। सरकार ने मुआवजे के मुद्दे को भी गंभीरता से लिया है।  
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