फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PM Modi IN UAE: 'मैं मां भारती का पुजारी, इस पर गर्व अनुभव करता हूं'; मंदिर के उद्घाटन पर बोले पीएम मोदी

Wed, 14 Feb 2024 09:15 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अबू धाबी

सार

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये समय भारत के अमृतकाल का समय है। ये हमारी आस्था और संस्कृति के लिए भी अमृतकाल का समय है। अभी पिछले महीने ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का सदियों पुराना सपना पूरा हुआ है। रामलला अपने भवन में विराजमान हुए हैं।
विज्ञापन
PM Modi - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मंत्रोच्चार के बीच अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया। हल्के गुलाबी रंग का रेशमी कुर्ता पजामा, बिना बांह वाली जैकेट और पटका पहने हुए प्रधानमंत्री ने मंदिर के लोकार्पण समारोह में पूजा विधि में भाग लिया। प्रधानमंत्री ने ‘वैश्विक आरती’ में भी भाग लिया, जो बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) की ओर से दुनियाभर में बने स्वामीनारायण संप्रदाय के 1200 से अधिक मंदिरों में एक साथ आयोजित की गई। इससे पहले मोदी ने यहां पहले हिंदू मंदिर के निर्माण में योगदान देने वाले विभिन्न संप्रदायों के लोगों से मुलाकात की।

विज्ञापन


दुबई-अबू धाबी शेख जायद राजमार्ग पर अल राहबा के पास 27 एकड़ क्षेत्र में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर बनाया गया है। इसके उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री ने मंदिर में कृत्रिम रूप से तैयार की गईं गंगा और यमुना नदियों में जलार्पण भी किया। बता दें कि मंदिर के निर्माण में किसी भी धातु का उपयोग नहीं किया गया है और नींव को भरने के लिए कंक्रीट मिश्रण में 55 फीसदी सीमेंट की जगह फ्लाई ऐश का उपयोग किया गया है।

विज्ञापन


इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज यूनाइटेड अरब अमीरात की धरती ने मानवीय इतिहास का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखा है। आज अबु धाबी में भव्य और दिव्य मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। इस पल के पीछे वर्षों की मेहनत लगी है। इसमें वर्षों पुराना सपना जुड़ा है। इसमें भगवान स्वामी नारायण का आशीर्वाद जुड़ा है। आज प्रमुख स्वामी जी जिस दिव्य लोक में होंगे, उनकी आत्मा जहां होगी, वहां प्रसन्नता का अनुभव कर रही होगी।

'सांप्रदायिक सौहार्द और वैश्विक एकता का प्रतीक बनेगा'
उन्होंने कहा कि आज वसंत पंचमी का पवित्र त्योहार भी है। पर्व मां सरस्वती का पर्व है। मां सरस्वती यानी बुद्धि और विवेक की, मानवीय प्रज्ञा और चेतना की देवी!  ये मानवीय प्रज्ञा ही है जिसने हमें सहयोग, सामंजस्य, समन्वय और सौहार्द जैसे आदर्शों को जीवन में उतारने की समझ दी। मुझे आशा है कि ये मंदिर भी मानवता के लिए बेहतर भविष्य के वसंत का स्वागत करेगा। ये मंदिर पूरी दुनिया के लिए सांप्रदायिक सौहार्द और वैश्विक एकता का प्रतीक बनेगा।

'पहचान में एक और सांस्कृतिक अध्याय जुड़ा'
पीएम मोदी ने कहा कि अब तक जो यूएई बुर्ज खलीफा, फ्यूचर म्यूजियम, शेख जायद मस्जिद और दूसरी हाइटेक बिल्डिंग्स के लिए जा जाता था, अब उसकी पहचान में एक और सांस्कृतिक अध्याय जुड़ गया है। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे। इससे यूएई आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ेगी और लोगों से लोगों का संपर्क भी बढ़ेगा।



करोड़ों भारतवंशियों की ओर से धन्यवाद दिया
उन्होंने कहा कि मैं पूरे भारत और विश्व भर में रहने वाले करोड़ों भारतवंशियों की ओर से प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद को और यूएई सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं। मैं यूएई के लोगों का भी उनके सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

ये मानवता की सांझी विरासत का प्रतीक
पीएम मोदी ने कहा कि अबु धाबी का ये विशाल मंदिर केवल एक उपासना स्थली नहीं है। ये मानवता की सांझी विरासत का प्रतीक है। ये भारत और अरब के लोगों के आपसी प्रेम का भी प्रतीक है। इसमें भारत और UAE के रिश्तों का एक आध्यात्मिक प्रतिबिंब है।
विज्ञापन




ये भारत के अमृतकाल का समय: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये समय भारत के अमृतकाल का समय है। ये हमारी आस्था और संस्कृति के लिए भी अमृतकाल का समय है। अभी पिछले महीने ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का सदियों पुराना सपना पूरा हुआ है। रामलला अपने भवन में विराजमान हुए हैं। पूरा भारत और हर भारतीय उस प्रेम में उस भाव में अभी तक डूबा हुआ है। अयोध्या के हमारे उस परम आनंद को आज अबू धाबी में मिली खुशी की लहर ने और बढ़ा दिया है। ये मेरा सौभाग्य है कि मैं पहले अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर और फिर अब अबु धाबी में इस मंदिर का साक्षी बना हूं।

'हमें विविधता में बैर नहीं दिखता, हमे विविधता ही विशेषता लगती है'
पीएम मोदी ने कहा कि परमात्मा ने मुझे जितना समय दिया है, उसका हर एक पल और परमात्मा ने जो शरीर दिया है, उसका कण-कण सिर्फ और सिर्फ मां भारती के लिए है। 140 करोड़ देशवासी मेरे आराध्य देव हैं। हमें विविधता में बैर नहीं दिखता, हमे विविधता ही विशेषता लगती है! उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति, हमारी आस्था हमें विश्व कल्याण के इन संकल्पों का हौसला देती है। भारत इस दिशा में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर काम कर रहा है। मुझे विश्वास है कि अबू धाबी के मंदिर की मानवीय प्रेरणा हमारे इन संकल्पों को ऊर्जा देगी, उन्हें साकार करेगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें