प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों विदेशी दौरे हैं। वह अमेरिका का दौरा करने के बाद शनिवार से मिस्र की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान पीएम मोदी मिस्र की राजधानी काहिरा में 11वीं सदी की अल-हकीम मस्जिद का दौरा भी करेंगे। पीएम मोदी मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के निमंत्रण पर यह यात्रा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार मिस्र की राजकीय यात्रा पर जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री अल-हकीम मस्जिद में लगभग आधा घंटा बिताएंगे। काहिरा में स्थित इस ऐतिहासिक और प्रमुख मस्जिद का नाम 16वें फातिमिद खलीफा अल-हकीम द्वि-अम्र अल्लाह (985-1021) के नाम पर रखा गया है। मस्जिद का निर्माण मूल रूप से अल-हकीम द्वि-अम्र अल्लाह के पिता खलीफा अल-अजीज बिल्लाह ने 10वीं शताब्दी के अंत में कराया था बाद में साल 1013 में अल-हकीम ने इसके निर्माण को पूरा किया था।
अल-हकीम मस्जिद काहिरा शहर की दूसरी सबसे बड़ी और चौथी सबसे पुरानी मस्जिद है। इस मस्जिद को प्रबुद्ध भी कहा जाता है और यह अल-अजहर नामक एक अन्य मस्जिद के समान दिखती है। यह काहिरा के बीचों-बीच स्थित है। इस मस्जिद में वास्तुकला की विशेष कारीगरी की गई है जिसे फातिमिद वास्तुकला कहते हैं। यह मस्जिद बड़ी आयताकार रूप में बनी है इसके बीच में एक बड़ा आंगन है जो इसकी खूबसूरती और बढ़ाता है।
इस मस्जिद में चार बड़े हॉल हैं, जहां नमाज अदा होती है वह सबसे बड़ा हॉल है। यह करीब 4,000 वर्ग मीटर जितना बड़ा है। पूरी मस्जिद 13,560 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैली हुई है।
मिस्र भारत के लिए अहम क्यों?
मिस्र पश्चिम एशिया की बड़ी ताकत के अलावा इस्लामी दुनिया की तटस्थ और मजबूत आवाज है। ऐसे में इस्लामी देशों में पैठ के साथ पश्चिम एशिया की बड़ी ताकत मिस्र को साध कर भारत की ग्लोबल साउथ की आवाज बनने की रणनीति भी परवान चढ़ सकती है।
भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी मिस्र में राष्ट्रपति अल-सीसी से मुलाकात से पहले वहां के मंत्रियों के एक समूह को मिलाकर गठित इंडिया यूनिट के साथ बातचीत करेंगे। मिस्र के राष्ट्रपति ने भारत से संबंधों को मजबूती देने के लिए अपने मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्रियों का समूह बनाया है। हेलियोपोलिस शहीद स्मारक भी जाएंगे जहां वो प्रथम विश्व युद्ध में के शहीद भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे।