फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

COP26 Summit: ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने की सम्मेलन की शुरुआत, मोदी ने जॉनसन और बेनेट से मुलाकात भी की

Mon, 01 Nov 2021 09:24 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ग्लासगो

सार

जलवायु परिवर्तन की लगातार गंभीर होती समस्या को संबोधित करने के लिए स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉप26 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सम्मेलन की शुरुआत की और जलवायु परिवर्तन की चुनौती को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि धरती इस समय एक 'डूम्सडे डिवाइस' से बंधी हुई है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि हमने प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ किया उसे अब यहीं रोक देना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रिंस चार्ल्स भी यहां मौजूद हैं। मोदी ने सम्मेलन से इतर अपने ब्रिटेन और इटली के समकक्षों से मुलाकात भी की तो यूके ने यहां 'इंडिया ग्रीन गारंटी' की शुरुआत भी की।
विज्ञापन
ग्लासगो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष बोरिस जॉनसन - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन की चुनौती पर विचार-विमर्श करने और इस समस्या का प्रभावी समाधान तलाशने के उद्देश्य के साथ कॉप26 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो गई। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने यह कहते हुए इस सम्मेलन की शुरुआत की कि दुनिया इस समय एक डूम्सडे डिवाइस (तबाही के उपकरण) से बंधी हुई है।

विज्ञापन


जॉनसन ने कहा कि धरती की स्थिति इस समय काल्पनिक चरित्र जेम्स बॉन्ड जैसी है, जो उस बम को विफल करने की कोशिशें कर रहा है, जो पूरे गृह को तबाह कर सकता है। इस अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और अन्य नेताओं के साथ प्रिंस चार्ल्स भी इस कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं।

हमारी नजरों के सामने ही बदलती जा रही है हमारी धरती

वहीं, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पेरिस जलवायु समझौते के बाद के छह साल सबसे गर्म रहे हैं। जीवाश्म ईंधन पर हमारी निर्भरता मानवता को हाशिये पर ले जा रही है। हमारे सामने मुश्किल विकल्प हैं, या तो हम इसे रोकें या ये हमें रोक दे। उन्होंने कहा कि अब इसे 'नहीं' कहने का समय आ गया है।

गुटेरेस ने आगे कहा कि जैवविविधता को क्रूर बनाना अब बहुत हुआ, खुद को कार्बन से मारना बहुत हुआ, प्रकृति के साथ एक शौचालय जैसा व्यवहार करना अब बहुत हुआ। हम खुद अपनी कब्रें खोदने के काम में लगे हुए हैं। हमारा ग्रह हमारी आंखों के सामने बदलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी भी हमारे पास जागने और सही राह पर लौटने का समय है।

सफल आयोजन के लिए जॉनसन को मोदी ने दी बधाई, नेतृत्व को सराहा

ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन पर हो रहा कॉप 26 सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने ब्रिटिश पीएम जॉनसन के साथ मुलाकात की। इस विषय पर विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि ब्रिटिश पीएम जॉनसन के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने उन्हें कॉप 26 शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी करने और जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक कार्रवाई के लिए उन्हें बधाई दी।

आगे श्रृंगला ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु वित्तपोषण, प्रौद्योगिकी, इनोवेशन व ग्रीन हाइड्रोजन को अपनाने और आईएसए व सीडीआरआई के तहक संयुक्त पहलों समेत नवीनीकृत और स्वच्छ प्रौद्योगिको लेकर यूके के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने व्यापार, स्वास्थ्य, रक्षा, सुरक्षा, लोगों से लोगों के बीच संबंधों के 2030 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को रेखांकित करने वाले रोडमैप की समीक्षा की।

साथ ही कहा कि पीएम मोदी जलवायु वित्त प्रौद्योगिकी, नवाचारों और हरित हाइड्रोजन अक्षय स्वच्छ प्रौद्योगिकी में अनुकूलन के क्षेत्रों में काम को लेकर प्रतिबद्ध हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन के तहत संयुक्त पहल के बारे में भी चर्चा हुई।

विदेश सचिव हर्ष वी श्रृंगला ने कहा कि पीएम मोदी ने ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन को भारत आने का अपना निमंत्रण दोहराया। अफगानिस्तान सहित क्षेत्रीय, वैश्विक मुद्दों, आतंकवाद का मुकाबला, इंडो-पैसिफिक, पोस्ट कोविड वैश्विक आर्थिक सुधार में आपूर्ति श्रृंखला को लचील करने पर भी चर्चा हुई। 

मोदी ने इटली के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट से भी मुलाकात की। जून में पीएम पद संभालने के बाद बेनेट की मोदी के साथ यह पहली आमने-सामने मुलाकात थी। बेनेट ने इसका एक वीडियो ट्विटर पर साझा किया और लिखा कि आपसे मिलना बेहद ही शानदार रहा।

यूके ने की 'इंडिया ग्रीन गारंटी' की शुरुआत, मिलेगा फायदा

कॉप26 शिखर सम्मेलन में भारत को लेकर एक अहम एलान किया गया। इसमें कहा गया कि पूरे भारत में हरित परियोजनाओं के लिए यूके विश्व बैंक को एक इंडिया ग्रीन गारंटी उपलब्ध कराएगा। इससे परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त 750 मिलियन पाउंड की राशि मिलने का रास्ता साफ होगा।

इससे स्वच्छ ऊर्जा, परिवन और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में साफ और लचीले बुनियादी ढांचे को सहयोग मिलेगा। 

जॉनसन ने इसे लेकर रहा कि मैं यूके की हरित औद्योगिक क्रांति को पूरी दुनिया में फैलते देखना चाहता हूं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि स्वच्छ प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे पर बदलाव की गति शानदार है, लेकिन अपने ग्रह को बचाने की इस दौड़ में कोई भी देश पीछे नहीं छूट जाना चाहिए।

हमारे अंदर मौजूद है हालात को सुधारने की क्षमता: बाइडन

वहीं, बाइडन ने सम्मलेन को संबोधित करते हुए कहा कि हम एक बढ़ती हुई तबाही में हैं। मैं मानता हूं कि न केवल अमेरिका बल्कि हम सभी के पास एक शानदार अवसर है। हम विश्व इतिहास के एक अहम मोड़ के बिंदु पर खड़े हैं। बाइडन ने आगे कहा कि हमारे अंदर अपने आप में निवेश करने की और एक स्वच्छ ऊर्जा वाला भविष्य तैयार करने की क्षमता है।

बाइडन ने कहा कि इस दौरान हम पूरी दुनिया में लाखों की संख्या में नौकरियां और अच्छे मौके, हमारे बच्चों के लिए स्वच्छ हवा, भरपूर समुद्र, स्वस्थ जंगल और अपने इस ग्रह के लिए एक इकोसिस्टम तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने अप्रैल में जलवायु शिखर सम्मेलन में अमेरिका का उत्सर्जन 2030 तक 50-52 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य लिया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम दुनिया को दिखाएंगे कि अमेरिका न केवल वापस आ गया है बल्कि उम्मीद है कि यह हमारे उदाहरण की शक्ति से चलेगी। बाइडन ने आगे कहा कि मैं जानता हूं कि फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं है, इसीलिए जलवायु के प्रति हमारी प्रतिबद्धताओं को लेकर हुए कार्यों का प्रदर्शन करने के लिए मेरा प्रशासन दिन-रात काम कर रहा है। 

भारतीय समुदाय ने जोश के साथ किया पीएम मोदी का स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। रोम में जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्रा के दूसरे पड़ाव यानी ग्लासगो, स्कॉटलैंड पहुंचे हैं। यहां इस जलवायु शिखर सम्मेलन की शुरुआत से पहले उन्होंने ग्लासगो में भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की और उनका उत्साह बढ़ाया।

भारतीय प्रवासी समुदाय के नेताओं ने ग्लासगो में प्रधानमंत्री मोदी का बेहद उत्साह के साथ स्वागत किया। इस दौरान 'भारत माता की जय के नारे लगाए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने भी यहां कुछ लोगों से बातचीत की और उनका उत्साह बढ़ाया। जलवायु परिवर्तन को लेकर संयुक्त राष्ट्र के रूपरेखा समझौते के लिए यह पक्षकारों का 26वां शिखर सम्मेलन है।
विज्ञापन

पीएम मोदी ने की भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत

यहां प्रधानमंत्री से मिलने वालों में एक शख्स ने उनकी प्रतिमा बनाई थी। नादे हाकिम नामक इस शख्स ने कहा कि सभी उनको (नरेंद्र मोदी) पसंद करते हैं इसलिए मैंने उनकी प्रतिमा बनाने का निर्णय लिया। मैं मानता हूं कि वह इससे खुश थे। इससे पहले मैंने उनसे कभी बात नहीं की थी, लेकिन उन्होंने कहा कि मुझसे अपने भाई की तरह बात करो।
 
स्कॉटलैंड की संसद में भारतीय मूल की पहली महिला पैम गोसल ने भी पीएम मोदी से मुलाकात की। पैम ने कहा कि दुनियाभर के नेताओं के बीच पीएम मोदी को कॉप26 में देखना शानदार है। उन्होंने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि सभी यह सुनिश्चित करें कि हमने पर्यावरण की दृष्ठि से इस दुनिया को आगे ले जाने के लिए कोई संकल्प लिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें