सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (सेना) की तरफ से प्रशिक्षित आतंकी समूह का भंडाफोड़ किया है। ये आतंकी समूह सऊदी अरब में हमले के लिए तैयार थे लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। सऊदी अरब ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 10 आतंकियों में से तीन को ईरान में प्रशिक्षण मिला और बाकी इनके सहयोगी हैं।
सऊदी अरब के सुरक्षा मामलों के प्रवक्ता ने बताया कि इन आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं। इन्हें 2017 में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के ठिकानों पर बम बनाने के प्रशिक्षण मिला था और ईरान इन्हें धन भी मुहैया कराता रहा है। बता दें कि सुन्नी बहुल देश सऊदी अरब और शिया प्रभुत्व वाले ईरान में पुरानी तनातनी है। दोनों ही देश खुद को दुनिया भर में अपने-अपने समुदाय की आबादी के नेता के तौर पर प्रस्तुत करते हैं। ये दोनों ही देश अरब प्रायद्वीप में कई जगह छद्म युद्ध में उलझे हुए हैं। इसी के तहत ईरान यमन में हूथी विद्रोहियों को मदद करता है जबकि सऊदी इनके सफाये में लगा है।
ईरान को अलग-थलग ही करना चाहता है अमेरिका
अमेरिका विश्व समुदाय में ईरान को पूरी तरह से अलग-थलग करने के लिए उसकी संपूर्ण वित्तीय प्रणाली पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है। यह जानकारी ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में दी है। इसके तहत ट्रंप प्रशासन नए वित्तीय प्रतिबंधों के तहत ईरान के उन 14 बैंकों को निशाना बनाना चाहता है जो अभी तक अमेरिकी प्रतिबंधों से अछूते थे। इसे मंजूरी मिलने पर इन ईरानी बैंकों से लेनदेन रुक जाएगा।