फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर हमले के मामले में जांच से एक बेहद गंभीर बात सामने आई है। आरोपी सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने पूछताछ में कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह विमान को जानबूझकर क्रैश करना चाहता था। उसने यह भी कहा कि उसे मौत से डर नहीं लगता। विमान में 170 से ज्यादा यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। घटना के बाद अब जांच का फोकस केवल हमले पर नहीं, बल्कि इस सवाल पर भी है कि पहले से सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद हमामी दोबारा कॉकपिट तक कैसे पहुंचा।
हमामी ने पूछताछ में क्या कहा और उसका इरादा क्या था?
जांच से जुड़े लोगों के हवाले से सामने आया है कि सऊदी अरब में विमान के उतरने के बाद पूछताछ के दौरान हमामी ने विमान को जानबूझकर गिराने की इच्छा जताई। उसने कहा कि वह मौत से नहीं डरता। यह जानकारी सामने आने के बाद घटना को लेकर खतरा और गंभीर हो गया है। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने भी घटना को विमान पर कथित आतंकी हमला बताया है। हालांकि, जांच अभी जारी है और हमामी के इरादे, उसके संपर्कों और हमले की पूरी योजना के बारे में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
हमामी का विमानन करियर कैसा रहा?
जांच अब हमामी के पुराने विमानन करियर तक पहुंच गई है। रिपोर्ट के अनुसार, वह पहले ओमान एयर से जुड़ा था। वहां अधिकारियों को उसके कथित कट्टरपंथी विचारों और चरमपंथी वेबसाइटों में रुचि की जानकारी मिली थी। इसके बाद उसे उड़ान भरने से रोककर डेस्क की नौकरी दी गई और कथित तौर पर उसे सुधार कार्यक्रम से भी गुजरना पड़ा। इसके बावजूद उसने बाद में संयुक्त अरब अमीरात में काम किया। जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ओमान एयर से जुड़ी पुरानी चिंताओं के बावजूद वह फ्लाईदुबई में पायलट की नौकरी हासिल करने में कैसे सफल रहा।
क्या हमामी के कट्टरपंथी विचारों की पहले से जानकारी थी?
यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सुरक्षा सवाल है। सामने आई जानकारी के अनुसार, ओमान में हमामी को कथित चरमपंथी विचारों और ऐसी वेबसाइटों में रुचि के कारण उड़ान से हटाया गया था। इसके बाद उसे डेस्क की जिम्मेदारी दी गई थी। अब जांचकर्ता यह समझना चाहते हैं कि इतनी गंभीर पृष्ठभूमि के बावजूद वह दूसरी एयरलाइन में पायलट के रूप में कैसे पहुंचा। हालांकि, यह भी साफ है कि उसके पुराने विचारों और मौजूदा हमले के बीच सीधा संबंध जांच के अंतिम नतीजे के बाद ही स्थापित किया जा सकेगा।
हमामी के सोशल मीडिया पोस्ट में क्या मिला?
हमामी के पुराने सोशल मीडिया खातों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। उसके हटाए गए एक्स खाते के तीन हजार से ज्यादा पोस्ट के स्क्रीनशॉट इंटरनेट आर्काइव में उपलब्ध बताए गए हैं। इनमें महिलाओं के काम करने को लेकर आपत्तिजनक विचार और धार्मिक जीवन को लेकर कट्टर सोच से जुड़े पोस्ट बताए गए हैं। एक पुराने पोस्ट में उसने एक फर्जी खाते के जरिए खुद को सीरियाई या लेबनानी बताकर सऊदी महिलाओं से संपर्क करने की बात कही थी। एक अन्य पोस्ट में उसने लिखा था कि उसकी पत्नी नौकरी नहीं करेगी। जांचकर्ताओं ने हमले वाले दिन के कुछ कथित पुराने इंस्टाग्राम पोस्ट भी खंगाले हैं।
हमले वाले दिन विमान में क्या हुआ था?
30 सितंबर को एफजेड1073 ने दुबई से उड़ान भरी थी। कुछ समय बाद विमान सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में था। तभी उसमें अचानक तेज गिरावट शुरू हुई। विमान कुछ ही समय में हजारों फुट नीचे चला गया। इसके बाद उसने दोबारा ऊंचाई हासिल की और फिर नीचे जाने लगा। विमान से आपातकालीन संकेत भी भेजे गए। इसमें आपात स्थिति और विमान में अवैध हस्तक्षेप का संकेत था। बाद में विमान ने अपना रास्ता बदला और सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया। इसी दौरान कॉकपिट के अंदर कप्तान पर हमला और विमान का नियंत्रण छीनने की कोशिश चल रही थी।