फाइजर ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से अमेरिकी नियामक से अपने कोविड-19 टीके का आपात इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी। फाइजर इंक ने यह कदम उस घोषणा के कुछ दिन बाद उठाया है, जिसमें कहा गया था कि उसके तथा उसकी जर्मन सहयोगी बायोएनटेक द्वारा विकसित कोविड-19 का टीका हल्के और गंभीर लक्षण वाले मरीजों के इलाज में 95 प्रतिशत तक प्रभावी है।
कंपनियों ने कहा कि सुरक्षा के अच्छे रिकॉर्ड का अभिप्राय है कि टीका आपात इस्तेमाल की अनुमति के लिए अर्हता रखता है और जिसकी मंजूरी अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) अंतिम परीक्षण पूरा होने से पहले दे सकता है। फाइजर ने इसी तरह का आवेदन यूरोप और ब्रिटेन में देने की शुरुआत की है और समान सूचना देने की मंशा है।
फाइजर के आवेदन से एक प्रक्रिया शुरू हो गई है जिसके तहत एफडीए और उसके स्वतंत्र सलाहकार इस बात पर बहस करेंगे कि टीके तैयार हैं या नहीं। अगर टीके तैयार होंगे तो सरकार का एक अन्य समूह तय करेगा कि शुरुआत में सीमित टीकों की किस तरह से आपूर्ति की जाए, जिसका इंतजार अमेरिकी उत्सुकता से कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें- अमेरिका: साल के अंत तक कोरोना वैक्सीन की उपलब्ध होंगी चार करोड़ खुराकें
एफडीए के प्रमुख स्टीफन हैन ने एक बयान में कहा, 'एफडीए मानता है कि पारदर्शिता और बातचीत कोविड-19 टीकों में विश्वास रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। मैं अमेरिकी लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि एफडीए की प्रक्रिया और संभावित कोविड-19 वैक्सीन के लिए डाटा का मूल्यांकन जितना संभव हो उतना पारदर्शी होगा।'
उन्होंने कहा कि वह अंदाजा नहीं लगा सकते हैं कि समीक्षा में कितना समय लगेगा, लेकिन सरकार ने कहा कि हरी झंडी शायद दिसंबर में मिल जाएगी। वहीं फाइजर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अल्बर्ट बोरला ने कहा कि दुनिया को एक कोविड-19 टीका देने की हमारी यात्रा में यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।