रूस में जानवरों को लगी वैक्सीन
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कोरोना वायरस को लेकर किए गए शोधों में ऐसा दावा किया गया है कि सार्स-कोव 2 वायरस चमगादड़ो ने इंसानों में फैला है, लेकिन पिछले कुछ दिनों कोरोना वायरस के लक्षण जानवरों में देखने को मिल रहे हैं। यानी यह कहा जा सकता है कि अब कोरोना वायरस इंसानों से जानवरों में फैल रहा है।
हालांकि रूस ने जानवरों को लगने वाली वैक्सीन को भी बना लिया है। रूस में पहली बार किसी जानवर को वैक्सीन की खुराक दी गई। रूस के वैज्ञानिकों ने जानवरों के लिए कोरोना के खिलाफ कारगार वैक्सीन को तैयार कर लिया है और अब वहां जानवरों को वैक्सीन दी जा रही है।
इस वैक्सीन का नाम है कोर्निवाक-कोव और इसे मार्च में रजिस्टर किया गया था। रूसी वैज्ञानिकों की माने तो ये वैक्सीन कोरोना के खिलाफ 100 फीसदी सुरक्षा देती है। हालांकि जानकारों का मानना है कि अभी तक ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है, जो बताता हो कि कोरोना वायरस जानवरों से इंसानों में फैला है। लेकिन दुनिया की कई प्रजातियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
नौ मई को रूसी सेना के जानवरों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। रूस के वायरोलॉजिस्ट का कहना है कि ये संक्रमण जानवरों में तेजी से फैल सकता है, इसलिए इसे हराने के लिए वैक्सीन लगाना ही सबसे जरूरी है। वहीं रूस के पशु चिकित्सक का कहना है कि ये जानवरों को लगाई जाने वाली पहली वैक्सीन है।
बता दें कि अब देश और दुनिया में कोरोना वायरस के मामले कम हो रहे हैं लेकिन कई देश ऐसे हैं, जहां अभी भी संपूर्ण लॉकडाउन लगा हुआ है। वहीं कोरोना को मात देने के लिए रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-वी की भी खेप भारत पहुंच चुकी है और जुलाई अंत तक इस वैक्सीन में बाजार में उपलब्ध होने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि स्पूतनिक-वी भारत में ही मैन्यूफैक्चर होगी।