पोप फ्रांसिस ने वयस्कों के यौन उत्पीड़न को भी अपराध के दायरे में रखने के लिए चर्च कानून में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। पोप का मानना है कि पादरी और शक्तिशाली लोग अपने पदों का दुरुपयोग करते हुए बच्चों ही नहीं बल्कि बड़ों का भी शोषण कर सकते हैं।
शिकंजा : पद के दुरुपयोग पर अब बचना मुश्किल, 14 साल के अध्ययन के बाद जारी किए प्रावधान
वेटिकन ने मंगलवार को ऐलान किया है पोप ने 'कोड ऑफ कैनन लॉ' में परिवर्तन किया है। यह प्रावधान 14 साल के अध्ययन के बाद जारी किए गए हैं, जो इस साल 8 दिसंबर से लागू होंगे। नए चर्च कानून में इस बात को खास तौर पर माना गया है कि यौन उत्पीड़न के पीछे ताकतवर पदों पर विराजमान लोग बड़ा कारण हैं।
लिहाजा अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करने वाले पादरियों और अन्य शक्तिशाली लोगों को अब इसके लिए दंड भुगतना पड़ेगा। पादरियों से उनका तक छीना जा सकता है चर्च के दफ्तर में मौजूद अन्य नेतागण और धार्मिक आंदोलनों से जुड़े लोगों को भी सजा मिलेगी। संशोधन को लेकर पोप ने उम्मीद जताई है कि जरूरत पड़ने पर आए और दया के साथ लागू होंगे।