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World News: पाकिस्तान में सब्बीर मायार की गिरफ्तारी के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, पढ़ें विश्व की अहम खबरें

Sun, 20 Aug 2023 05:47 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद/ब्रुसेल्स/ताइपे/वाशिंगटन

सार

यूनाइडेट कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी के नेता शौकत अलि कश्मीरी ने कहा, मायार ने सिर्फ कारगिल-स्कार्दू मार्ग को खोलने की मांग थी, ताकि बिछड़े परिवार आपस में मिल सकें। लेकिन, फौज ने उन्हें बेवजह गिरफ्तार कर लिया है।
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World News - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आए दिन पाकिस्तानी सरकार और सेना के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। शनिवार को लोगों ने अवामी एक्शन कमिटी के माहसचिव शाबिर मायार की अवैध गिरफ्तारी के विरोध में पाक सरकार व फौज के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

यूनाइडेट कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी के नेता शौकत अलि कश्मीरी ने कहा, मायार ने सिर्फ कारगिल-स्कार्दू मार्ग को खोलने की मांग थी, ताकि बिछड़े परिवार आपस में मिल सकें। लेकिन, फौज ने उन्हें बेवजह गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले यूएनपीएनपी ने भी 13 अगस्त को मुजफ्फराबाद में रैली निकालकर इस रास्ते को खोलने और घाटी से पाकिस्तानी फौज को हटाने की मांग की थी। शौकत का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र संकल्प के मुताबिक पाकिस्तान को यहां कभी फौज भेजनी ही नहीं थी, लेकिन दशकों से यहां के लोगों को फौज ने बंधक बनाकर रखा है। 

बेल्जियम में डोसा और बड़ा पाव बनाना सीख रहे लोग

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यूरोपीय देशों में भारत के शाकाहारी व्यंजनों के प्रशंसक दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं। बेल्जियम में भारत के दूतावास ने राजधानी ब्रुसेल्स में भारतीय खान-पान को लोगों तक पहुंचाने के लिए फूड फेस्टिवल आयोजित किया, जिसमें हजारों लोगों ने भारतीय शैली में बने शाकाहारी और वीगन व्यंजनों का लुत्फ लिया। यही नही, बहुत से लोगों ने कार्यशालाओं में शामिल होकर तरह के व्यंजन बनाना सीखा। खासतौर पर डोसा और बड़ा पाव बनाना सीखने में लोगों ने खासी दिलचस्पी दिखाई। यहां भारत में बेहद लोकप्रिय 100 से ज्यादा व्यंजनों को पेश किया गया है। सभी व्यंजन शाकाहारी हैं। 

उपराष्ट्रपति के दौरे से भड़का चीन, की ताइवान की घेराबंदी
पिछले वर्ष अगस्त में अमेरिकी संसद के निचले सदन की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद चीन ने करीब 2 महीने तक ताइवान की सैन्य घेराबंदी करके रखी थी, इसके बाद भी कई बार चीन ने ताइवान की खाड़ी में सैन्य जमावड़ा कर तनाव बढ़ाया है। फिलहाल, ड्रैगन ताइवान के उपराष्ट्रपति विलियम लाई के अमेरिका दौरे से नाराज है और फिर से ताइवान की घेराबंदी कर रहा है। शनिवार को ताइवान ने बताया कि चीनी वायु सेना के 40 से ज्यादा युद्धक विमान उनके वायु क्षेत्र में मंडरा रहे हैं। चीन ताइवान को अपना क्षेत्र बताता है और ताइवान की सरकार के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध रखने वाले देशों के साथ संबंध नहीं रखता। लेकिन, पिछले कुछ दिनों से अमेरिका लगातार ताइवान के नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय संपर्क में बना हुआ है। इसे एक चीन नीति का उल्लंघन करार देते हुए चीन अमेरिका और ताइवान दोनों से खफा है।

पुतिन को हराना नहीं, बल्कि अमेरिका को जिताना होना चाहिए लक्ष्य : रामास्वामी

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रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल भारतवंशी विवेक रामास्वामी ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को हराने के बजाय लक्ष्य अमेरिका को जिताना होना चाहिए। तमाम दूसरे अमेरिकी नेताओं से अलग उन्होंने युद्ध को खत्म करने के लिए सुझाव दिया कि दोनबास क्षेत्र रूस को दे दिया जाए व युक्रेन को नाटो में शामिल होने की जिद छोड़ देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा, रूसी राष्ट्रपति को युद्ध खत्म करना है, तो फौरन यूक्रेन से अपनी सेना को वापस बुला लेना चाहिए इसके अलावा चीन के साथ किए गए सैन्य गठबंधन को भी तोड़ना चाहिए। भारतीय मूल के रामास्वामी ने एक साक्षात्कार में कहा, रूस-चीन का सैन गठजोड़ अमेरिका के लिए अकेला सबसे बड़ा सैन्य खतरा है।

सैम असगरी से तलाक पर ब्रिटनी स्पीयर्स ने तोड़ी चुप्पी
मशहूर पॉप स्टार ब्रिटनी स्पीयर्स ने पति सैम असगरी से तलाक की खबरों पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि इस दर्द को बयां नहीं कर सकती हैं। इंस्टाग्राम पर उन्होंने लिखा, हेसाम (सैम असगरी) अब साथ नहीं हैं। किसी के साथ रहने के लिए 6 साल बहुत लंबा समय है, इसलिए थोड़ी हैरान हूं। नहीं, जानती ऐसा क्यों हुआ और सच कहूं तो इस बात कि किसी को परवाह भी नहीं है। उन्होंने आगे लिखा यहां यह बताने भी नहीं आई हूं कि यह सब क्यों और कैसे हुआ। लेकिन, अब और दर्द नहीं सह सकती। दोस्तों से बहुत सारे संदेश मिल रहे हैं, जिनसे मेरा दिल पिघल रहा है और मैं सबको शुक्रिया कहना चाहती हूं। मैं बहुत लंबे वक्त से मजबूत होने का दिखावा कर रही हूं। मेरे इंस्टाग्राम को देखकर किसी को भी यह लगेगा, लेकिन यह सब हकीकत से बहुत दूर है। इस वक्त में खुलकर अपने जज्बात बयां करना चाहती हूं, फूटकर रोना चाहती हूं और सबको यह दिखाना चाहती हूं कि कि भावनात्मक रूप से कितना बड़ा पहाड़ मुझ पर टूटा है। लेकिन, कुछ मजबूरियां हैं, जिनके चलते मुझे अपनी कमजोरियों को छिपाना पड़ता है। अगर मेरे पिता मेरे साथ नहीं होते और मुझे एक मजबूत सिपाही की तरह नहीं ढालते, तो मुझे कभी का इलाज के नाम पर परिवार से कहीं बहुत दूर भेज दिया जाता।  

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