पेंटागन के मुताबिक, इस वर्ष की ‘टू प्लस टू’ वार्ता रक्षा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी सहयोग, जलवायु, जन स्वास्थ्य तथा लोगों के आपसी संपर्क समेत विभिन्न विषयों पर साझेदारी को विस्तार देगी।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय ‘पेंटागन’ ने कहा है कि स्वतंत्र एवं मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए साझा मूल्यों तथा दृष्टिकोण से बंधे भारत और अमेरिका द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करना जारी रखेंगें।
विज्ञापन
पेंटागन ने 11 अप्रैल को होने वाली ‘टू प्लस टू’, चौथी मंत्रिस्तरीय बातचीत, से पहले यह बयान दिया है। इस वार्ता में रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन तथा विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन, भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर की मेजबानी करेंगे।
पेंटागन ने कहा, 2018 में अपनी शुरुआत के बाद से ‘टू प्लस टू’ ने दोनों देशों के बीच एक उन्नत और व्यापक रक्षा साझेदारी को सुनिश्चित किया है, जो 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने को तैयार है। पेंटागन के मुताबिक, इस वर्ष की ‘टू प्लस टू’ वार्ता रक्षा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी सहयोग, जलवायु, जन स्वास्थ्य तथा लोगों के आपसी संपर्क समेत विभिन्न विषयों पर साझेदारी को विस्तार देगी।
विज्ञापन
विश्व शांति-सुरक्षा में साझेदारी की पुष्टि करेंगे
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना का यह 75वां वर्ष है। पेंटागन ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत-अमेरिका व्यापक तथा वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के महत्व की पुष्टि करेंगे।