संसद को निलंबित करने के अपने फैसले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गैरकानूनी करार दिए जाने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन बुधवार को विदेश दौरा छोड़कर वापस लौट आए। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद विपक्ष जॉनसन से अपने पद से इस्तीफा देने का दबाव बना रहा है। नए घटनाक्रम के बाद संसद का सत्र फिर से शुरू हुआ लेकिन 31 अक्तूबर तक ब्रेक्जिट की समयसीमा को लेकर अब अटकलें लगने लगी हैं।
ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से अलग होने का तीन साल पुराना संकट हल होता नहीं दिख रहा है। जॉनसन ने विपक्ष के इस्तीफे की मांग को खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा अधिवेशन में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क गए ब्रिटिश पीएम ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले से पूरी तरह से असहमत हैं और वह दूसरी बार संसद को निलंबित करने की कोशिश कर सकते हैं। जॉनसन के मंत्रिमंडल में शामिल माइकल गोव ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करती है लेकिन कानून तोड़ने के लिए माफी मांगने से उन्होंने इनकार कर दिया।
वहीं विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने कहा कि जॉनसन को जनता से और महारानी एलिजाबेथ से संसद को निलंबित करने के लिए माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उन्होंने संसद को निलंबित कर यूरोपीय यूनियन से अलग होने पर बहस को सीमित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि लोग 31 अक्तूबर होने वाले घटनाक्रम को लेकर काफी चिंतित है। उन्होंने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता 31 अक्तूबर को यूरोपीय यूनियन से नो-डील से बाहर निकलने से रोकने की है।