डब्ल्यूएएफए ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस आपातकालीन बैठक में राष्ट्रपति अब्बास ने अधिकारियों को फिलिस्तीनी लोगों के लिए सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया। अब्बास ने अधिकारियों से कहा कि वह फिलिस्तीनी लोगों को उन सभी चीजों को प्रदान करें, जिनकी उन्हें जरूरत है, ताकि वह इस्राइल के कब्जे और बसने वाले गिरोहों के अपराधों का सामना कर सकें।
'टाइम्स ऑफ इस्राइल' की रिपोर्ट के मुताबिक, हमास की ओर से किए गए रॉकेट हमलों में कम से कम पांच लोग मारे गए हैं, जबकि सौ से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार की सुबह मध्य और दक्षिण इस्राइल में तीन घंटों से ज्यादा समय तक भारी रॉकेट दागे गए।
विपक्ष के नेता के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस्राइल आपातकाल में है और लैपिड हमास के हमले का सख्त सैन्य जवाब देंगे। इससे पहले इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को कहा था कि हमास के आतंकवादियों द्वारा दागे गए सैकड़ों रॉकेटों ने आज इस्राइल को निशाना बनाया।
नेतन्याहू ने एक्स पर पोस्ट एक वीडियो संदेश में कहा, इस्राइल के नागरिकों हम युद्ध में हैं। यह कोई अभियान नहीं हैं, न ही उकसावे की घटना है, यह युद्ध है। उन्होंने कहा, हम युद्ध में हैं और हम जीतेंगे। गाजा से इस्राइल में रॉकेट दागे जाने पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि हमारा दुश्मन ऐसी कीमत चुकाएगा जिसके बारे में उसे पता भी नहीं है।
इस्राइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने आईडीएफ (इस्राइली रक्षा बल) की जरूरतों के मुताबिक आरक्षित सैनिकों के मसौदे को मंजूरी दी। 'द जेरूसलम पोस्ट' ने बताया कि उन्होंने गाजा पट्टी के 0-80 किमी के दायरे में इस्राइल के होमफ्रंट में एक 'विशेष सुरक्षा स्थिति' की घोषणा की। इसने आईडीएफ को नागरिकों को करीबी और प्रासंगिक स्थलों पर सुरक्षा निर्देश प्रदान करने में सक्षम बनाया।