सोशल मीडिया पर वायरल बेटियों की कब्र पर ताले वाली तस्वीर पाकिस्तान की नहीं है। यह तस्वीर हैदराबाद की है। इससे पहले डेली टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पाकिस्तान में परिजन अब अपनी मृत बेटियों की कब्र पर ताला लगाने को मजबूर हैं। ऐसा उन्हें दुष्कर्म से बचाने के लिए किया जा रहा है। इससे जुड़ी तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही थी। दावा किया गया कि पाकिस्तान में नेक्रोफिलिया के मामले बढ़ रहे हैं। हालांकि, बाद में जब इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि यह फोटो पाकिस्तान नहीं, बल्कि हैदराबाद की है और इसका नेक्रोफिलिया से कोई लेना-देना नहीं है।
रिपोर्ट में क्या?
समाचार एजेंसी एएनआई ने शनिवार 29 अप्रैल को मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया कि पाकिस्तान, जिसे अपने परिवार-उन्मुख मूल्यों पर बहुत गर्व है, वहां हर दो घंटे में एक महिला के साथ दुष्कर्म किया जाता है। यह लोगों के सामूहिक विवेक पर एक कड़ा प्रहार है। संपादकीय में कहा गया कि महिलाओं की कब्रों पर लगे ताले का दिल दहला देने वाला दृश्य पूरे समाज के लिए शर्म से अपना सिर झुकाने के लिए काफी है और यह इस बात को साबित करता है कि समाज तथाकथित महिलाओं को सम्मान की नजरों से देखने की कभी हिम्मत नहीं करता। एक पूर्व-मुस्लिम नास्तिक कार्यकर्ता और "द कर्स ऑफ गॉड, व्हाई आई लेफ्ट इस्लाम" पुस्तक के लेखक हैरिस सुल्तान ने इस तरह के घृणित कृत्यों के लिए कट्टरपंथी इस्लामवादी विचारधारा को दोषी ठहराया। सुल्तान ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, पाकिस्तान ने यौन कुंठित समाज बना लिया है कि लोग अब अपनी बेटियों की कब्र पर ताले लगा रहे हैं, ताकि उसके शव के साथ दुष्कर्म न हो। जब आप बुर्के को दुष्कर्म से जोड़ते हैं, तो यह आपके पीछे-पीछे कब्र तक जाता है।
नेक्रोफिलिया के मामले में बेतहाशा वृद्धि
डेली टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह शवों की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए हताशा के रूप में किया जा रहा है, क्योंकि कुछ राक्षस प्रवृति के लोग अपनी वासना को पूरा करने के लिए शवों का सहारा लेते हैं। नेक्रोफिलिया के मामले में बेतहाशा वृद्धि को देखते हुए, इस मामले में कोई मदद नहीं कर सकता, लेकिन प्रियजनों की रक्षा करने की इच्छा को समझा जा सकता है।
2011 में सामने आया था ऐसा मामला
बताया जाता है कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें महिलाओं के शवों को निकालकर उन्हें अपवित्र किया गया। पाकिस्तान में 2011 में एक नेक्रोफिलिया का मामला सामने आया था, जब कराची के उत्तरी नजीमाबाद में मुहम्मद रिजवान नाम के एक कब्र रक्षक को 48 महिलाओं के शवों के साथ दुष्कर्म करने की बात कबूल करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अनुसार, 40 प्रतिशत से अधिक पाकिस्तानी महिलाएं अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार किसी न किसी रूप में हिंसा का शिकार होती हैं।
नेक्रोफिलिया क्या है?
ग्रीक में 'नेक्रो' का मतलब 'शव' और 'फीलिया' का मतलब 'प्यार' होता है। इस तरह 'नेक्रोफीलिया' का मतलब 'मरे हुए लोगों के साथ संबंध बनाकर आनंद हासिल करना' होता है। इस विकृति से पीड़ित व्यक्ति शव के साथ संबंध बनाने के लिए आकर्षण महसूस करता है। वह पहले लड़की या औरत की हत्या करता, फिर उसके शव के साथ शारीरिक संबंध बनाता है।