पाकिस्तान के केंद्रीय गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि प्रतिंबधित चरमपंथी संगठन लश्करे झंगवी पंजाब को अपनी पनाहगाह के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।
सरकारी रेडियो के मुताबिक़ केंद्रीय गृह मंत्री ने इस्लामाबाद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि संगठन के 700 से ज़्यादा कार्यकर्ताओं की सूची और संबंधित ब्योरे हुकूमत ने पंजाब राज्य सरकार के हवाले किया है।
उनका कहना था कि लिस्ट इसलिए मुहैया करवाई गई है ताकि राज्य सरकार इन लोगों के ख़िलाफ़ जल्द से जल्द कार्रवाई शुरू कर सके। हाल में कोएटा में शिया समुदाय के लोगों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा के बाद पाकिस्तान हुकूमत दबाव में है।
पाकिस्तान की केंद्र में मौजूद सरकार पंजाब राज्य पर आरोप लगाती रही है कि वो लश्करे झंगवी जैसी संस्थाओं को पनाह दे रही है। राज्य सरकार इन आरोपों से इंकार करती है।
शियाओं को निशाना
क्वेटा मे हाल के दो महीनों में दो बड़ी वारदातें हुई हैं जिनमें से एक की तो लश्करे झंगवी ने ज़िम्मेदारी क़बूल की थी।
पाकिस्तान के बलुचिस्तान सूबे के क्वेटा शहर में हुए धमाके में एक ही समुदाय के 90 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
स्थानीय शिया समुदाय में इस मामले को लेकर इस क़दर ग़ुस्सा था कि उन्होंने कई दिनों तक शवों को दफ़नाने से मना कर दिया था।
प्रधानमंत्री राजा परवेज़ अशरफ़ ने एक समीति की घोषणा की थी जो वहां जाकर स्थानीय लोगों से बातचीत करेगी।
जनवरी में भी वहां इसी तरह का हमला हुआ था। इस घटना का असर कराची शहर और मुल्क के कई इलाक़ों में हुआ था।