पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पुलिस और सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच सोमवार सुबह फिर झडपें शुरू हो गईं।
इससे पहले रविवार को इन झडपों में तीन लोग मारे गए और 500 घायल हो गए। घायलों में लगभग 75 पुलिसकर्मी शामिल हैं। शाम होते होते झडपें रुक गई थीं।
रविवार को पाकिस्तान सेनाध्यक्ष जनरल राहील शरीफ के नेतृत्व में कोर कमांडरों की बैठक में 'लोकतंत्र के समर्थन में संकल्प को दोहराते हुए राजनीतिक तनातनी पर चिंता व्यक्त की गई है।'
बैठक के बाद सेना ने कहा था कि बल प्रयोग करने से समस्या और अधिक जटिल हो सकती है और इस संकट का राजनीतिक हल खोजा जाना चाहिए।
इसी बीच इमरान खान ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वो प्रधानमंत्री निवास के घेराव के लिए एक बार फिर तैयार रहें।
लेकिन इस बीच, इमरान ख़ान की पार्टी में इस मुद्दे पर मतभेद भी उभरकर सामने आए हैं। पार्टी अध्यक्ष जावेद हाशमी के बयान से खफा इमरान ख़ान ने कहा कि अब हाशमी और उनके रास्ते अलग-अलग हैं।
ग़ौरतलब है कि हाशमी ने प्रधानमंत्री निवास का घेराव करने के इमरान ख़ान के फैसले की आलोचना की थी और कहा था कि यह इमरान ख़ान का निजी फ़ैसला था, पार्टी इसके पक्ष में नहीं थी।