पाकिस्तान एक बार फिर से भारत के खिलाफ अफवाह फैलाने में लग गया है। उसने कहा है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की अरबों डॉलर की परियोजना को नुकसान पहुंचाने के लिए भारत ने सीपीईसी के प्रतिष्ठानों पर हमला करने की योजना बनाई है।
पाक मीडिया में सोमवार को प्रकाशित खबर के मुताबिक, मंत्रालय ने गिलगिट-बाल्टिस्तान के गृह विभाग को एक पत्र लिखा है। इसमें चेतावनी दी गई है कि काराकोरम राजमार्ग और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं समेत सीपीईसी रूट पर भारत की तरफ से संभावित आतंकी हमले हो सकते हैं।
पत्र में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने पत्र में दावा किया है कि भारत ने 400 मुस्लिम युवाओं को हमले का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए
अफगानिस्तान भेजा है।
गिलगिट-बाल्टिस्तान के गृह सचिव जावेद अकरम, पुलिस महानिरीक्षक सबीर अहमद ने पुलिस व अन्य खुफिया अधिकारियों के साथ शनिवार को दियामेर जिले का दौरा किया और काराकोरम राजमार्ग पर निर्मित दो दर्जन से ज्यादा पुलों समेत सीपीईसी रूट पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिलगिट बाल्टिस्तान में विदेशी नागरिकों की आवाजाही पर निगरानी रखी जाएगी और उनके दस्तावेजों को जांचा जाएगा। वहीं क्षेत्र में संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी लिया जाएगा।
बता दें कि सीपीईसी लिंक सड़कों, रेलवे और राजमार्गों के नेटवर्क के जरिए चीन के शिंजियांग प्रांत के काशगर और पाकिस्तान के बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को जोड़ता है। वहीं पाक के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरने के कारण भारत ने इस परियोजना पर आपत्ति जताई है।