पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लोग पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हूजा में पाकिस्तान के खिलाफ भारी संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए हैं। प्रदर्शनकारी पाकिस्तान से सुरक्षा बलों से पीओके और गिलगिट-बाल्टिस्तान छोड़ने और बुनियादी तथा संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
बता दें कि इस से पहले 24 अक्तूबर को पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लोगों ने सोमवार को लंदन में ब्लैक डे बनाया था। उन्होंने लंदन स्थित पाक उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों से पीओके और गिलगिट-बाल्टिस्तान छोड़ने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पाक सेना के विरोध में नारेबाजी भी की।
पाक ने इस पूरे इलाके पर 1947 से अवैध कब्जा कर रखा है, जिसके विरोध में जम्मू-कश्मीर नेशनल अवामी पार्टी के अध्यक्ष सज्जाद रजा के नेतृत्व में लोग यहां एकत्र हुए। सज्जाद ने कहा कि हम यह विरोध इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि 1947 को इसी दिन हमारे राज्य का विभाजन किया गया और एक साजिश के तहत हम लोगों का दमन किया गया जो अब भी जारी है।
जारी रहेगा संघर्ष
उन्होंने कहा कि हम इस प्रदर्शन के बहाने दुनिया को संदेश देना चाहते हैं कि इस तरह की क्रूरता और गतिविधियों को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पीओके में पाक गतिविधियों की निंदा करते हुए संघर्ष जारी रखने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘क्या आजाद कश्मीर सच में आजाद है’ और ‘पीओके में बुनियादी मानवाधिकारों व सामाजिक अधिकारों की पुनर्स्थापना’ जैसे बैनर लहराए। जम्मू कश्मीर राष्ट्रीय अवामी पार्टी के सचिव रिजवान सिद्दीकी ने कहा, ‘हम मानते हैं, अगर 22 अक्टूबर को पाकिस्तान द्वारा यह साहस नहीं किया गया होता, तो हमारा राज्य स्वतंत्र होता।’