आतंक को पालने वाले पाकिस्तान में दहशत ने इस कदर पैर पसार लिए हैं कि वहां कला-साहित्य और उत्सव के लिए जगह ही कम पड़ने लगी है। इसी के चलते शुक्रवार से शुरू होने वाले सालाना लाहौर साहित्य महोत्सव पर ग्रहण लग गया। दो महीने से बड़े-जोर से प्रचारित किया जा रहा तीन दिनी लिट्रेरी फेस्टिवल एक दिन के लिए सीमित कर दिया गया। अब ये चर्चित थिएटर की जगह शनिवार को एक होटल के हॉल में आयोजित होगा।
देश-विदेश के उर्दू और अंग्रेजी साहित्यकारों की दर्जनों किताबों पर पांचवे लाहौर लिट्रेरी फेस्टिवल (एलएलएफ) में चर्चा होनी थी। 24 से 26 फरवरी तक इसका आयोजन होना था। इससे कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान में कई धमाके हो गए। इसके बाद से ही एलएलएफ के आयोजन पर संशय के बादल छाने लगे थे।