पाकिस्तान के जल और ऊर्जा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों को सिंधु जल समझौते का सम्मान करना चाहिए क्योंकि यह दोनों ही देशों के लिए उचित है। आसिफ ने यह टिप्पणी भारत पाकिस्तान के बीच सिंधु जल आयोग के दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक के बाद की। बैठक में भारत द्वारा चिनाब नदी पर चल रही तीन परियोजनाओं की डिजाइन को लेकर भारतीय प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की गई।
पाकिस्तान के जल व ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस समझौते का सम्मान करते हुए दोनों देशों को समस्या का समाधान ढूंढना चाहिए। उन्होंने किशनजंगा और रेतल जलविद्युत परियोजनाओं के बारे में भी बात की जिसे लेकर पाकिस्तान विश्व बैंक के मार्फत अंतरराष्ट्रीय अदालत में गया है। ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय अदालत में जाते वक्त किशनजंगा प्रोजेक्ट पर उनकी स्थिति उतनी मजबूत नहीं थी जितनी कि सही समय पर यह कार्रवाई करने से हो सकती थी। लेकिन उन्होंने रेतल परियोजना पर पाकिस्तान की स्थिति को मजबूत बताया।
भारत-पाक अधिकारियों के बीच सिंधु बेसिन से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा के लिए सिंधु जल आयोग की बैठक दो साल के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को हुई। बैठक में पाक इलाके में बहने वाली नदी पर भारत द्वारा किए जा रहे तीन परियोजनाओं के निर्माण के बारे में पाकिस्तान ने अपना पक्ष रखा। सिंधु जल आयुक्त पीके सक्सेना के नेतृत्व में 10 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में पाकिस्तान की अगुवाई मिर्जा आसिफ सईद ने की।