क्या है मामला
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन के सुप्रीमो नवाज शरीफ का नाम 2016 में पनामा पेपर लीक में आने पर सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटा दिया था। इसके बाद 8 सितंबर, 2017 को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (नैब) ने शरीफ परिवार के खिलाफ तीन मामलों एवनफील्ड प्रॉपर्टीज केस, फ्लैगशिप इन्वेस्टमेंट केस और अल-अजीजिया स्टील मिल केस में जांच शुरू की थी, जिसमें अदालत ने पिछले सोमवार को सजा सुनाई थी। जवाबदेही अदालत ने शरीफ को सजा पूरी करने के बाद 10 साल तक किसी भी सरकारी पद पर नियुक्त होने से प्रतिबंधित भी किया है।
दो मामलों में हो चुकी है सजा
यह तीन बार के प्रधानमंत्री शरीफ को इस साल दूसरी बार सज सुनाई गई है। इससे पहले जुलाई में उन्हें एवनफील्ड मामले में भी 10 साल की सजा सुनाई गई थी। उस मामले में उनकी बेटी मरियम शरीफ को भी 7 साल और दामाद मोहम्मद सफदर को एक साल कैद की सजा सुनाई गई थी। करीब 63 दिन जेल में बिताने के बाद इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने उनकी सजा 19 सितंबर को निलंबित कर दी थी। पिछले सोमवार को दूसरे मामले में सजा सुनाए जाने पर शरीफ को एक दिन के लिए रावलपिंडी की अदियाला जेल में रखा गया था, जहां से अगले दिन उन्हें कोट लखपत जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। शरीफ के छोटे भाई व पीएमएल-एन के वर्तमान अध्यक्ष शहबाज शरीफ भी 14 अरब की आशियाना हाउसिंग स्कीम में भ्रष्टाचार के आरोपों के लिए कोट लखपत जेल में ही बंद हैं।