पाकिस्तान की एक अदालत ने मुसलमानों के अल्पसंख्यक शिया समुदाय के प्रति नफरत फैलाने के जुर्म में एक इमाम को पांच साल की सजा सुनाई है। इमाम कारी अबूबकर को कसूर जिले में शिया समुदाय के खिलाफ अपमानजनक बातें और उन्हें 'काफिर' कहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
ये पहला मामला है जब किसी इमाम को एक ऐसे अपराध में जेल भेजा गया है जो कानून की किताबों में तो है लेकिन शायद ही इसके लिए किसी को सजा दी गई हो।