पाकिस्तान के पेशावर शहर में एक बम धमाके में कम से कम 33 लोगों के मारे गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि धमाका किस्सा ख्वानी बाज़ार में हुआ। धमाके में कम से कम आठ दुकानें और कई वाहन भी जल गए हैं।
पेशावर में एक हफ़्ता पहले ही एक गिरजाघर में दोहरा आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें कम से कम 80 लोग मारे गए थे।
पिछले शुक्रवार पेशावर के नजदीक सरकारी कर्मचारियों को ले जा रही एक बस पर बम हमले में कम से कम 17 लोग मारे गए थे।
पेशावर, खैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत का प्रमुख शहर है। हाल के सालों में यहां कई बम हमले हुए हैं जिसके लिए तालिबान विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया गया है।
अस्पताल में आपातकाल
पुलिस को शक है कि रविवार के धमाके की वजह कार बम था।
पाकिस्तान के डॉन अखबार ने स्वास्थ्य मंत्री के हवाले से लिखा है कि इस हमले का मुख्य निशाना पेशावर का मुख्य पुलिस स्टेशन था।
लेकिन बम निरोधक दस्ते के प्रमुख शफकत मलिक ने कहा कि ऐसा लगता है कि धमाका पुलिस स्टेशन से कुछ दूर हुआ था।
उन्होंने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि पार्क की गई एक गाड़ी को 'रिमोट कंट्रोल नियंत्रित बम में बदल' दिया गया था।
घायलों का इलाज शहर के लेडी रीडिंग अस्पताल में हो रहा है। कई घायल बुरी तरह से जले हुए हैं। अस्पताल में आपातकाल घोषित कर दिया गया है।
अधिकारियों का कहना था कि हमले में 76 लोग घायल हुए है।
तालिबान के साथ बातचीत की कोशिश
बढ़ती हिंसा से नए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की तालिबान के साथ शांति वार्ता कर चरमपंथ ख़त्म करने की कोशिशों पर असर पड़ा है।
तालिबान ने लगातार पाकिस्तान के संविधान को खारिज किया है और उसकी मांग है कि देश में शरिया क़ानून लागू हो।
इस वक्त नवाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने न्यू यॉर्क गए हुए हैं जहां रविवार को वे भारत के प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात करेंगे।
न्यू यॉर्क से एक संदेश में नवाज़ शरीफ़ ने पेशावर में हुए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने हमले को मानवता पर हमला बताया।
इस बातचीत से पहले मनमोहन सिंह ने महासभा को संबोधित करते हुए कहा था कि पाकिस्तान को ''आंतकवाद का केंद्र'' बनना बंद करना होगा।
पिछले रविवार को पेशावर के ऐताहासिक ऑल सेंट्स गिरजाघर पर हुए आत्मघाती हमलों का देशव्यापी विरोध हुआ था। इसे पाकिस्तान के ईसासियों पर अब तक का सबसे घातक हमला माना जा रहा है।
तालिबान से जुड़े दो इस्लामी चरमपंथी गुटों ने कहा था कि उन्होंने अमरीकी ड्रोन हमलों के जवाब में ये हमले करवाए थे। इन हमलों में 120 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
वहीं शुक्रवार को पेशावर के उत्तर पूर्व में गुलबेला इलाके में घर लौट रहे सरकारी कर्मचारियों की बस पर बम हमला हुआ था जिसमें मृतकों के अलावा 34 लोग घायल हुए थे।