मुंबई में 26/11 हमले को 9 साल होने को है। इस हमले में भारत दुनिया के दुर्दांत आतंकवादियों में से एक हाफिज सईद को मुख्य साजिशकर्ता मानता है, जिसके खिलाफ पाकिस्तान को हर संभव सबूत भी उपलब्ध कराए गए हैं। अभी हाफिज सईद दुनियाभर के दबाव की वजह से नजरबंदी में रखा गया है, पर ये सब महज दिखावा है। दरअसल, पाकिस्तान की जिस अदालत में मुंबई हमले के 7 संदिग्धों के खिलाफ मामला चल रहा है, वहां 8 सालों में अबतक 9 बार जज ही बदल चुके हैं। ऐसे में सुनवाई क्या होती होगी, इसका अंदाजा खुद ब खुद लग जाता है।
सैकड़ों निर्दोष लोगों की मौत का जिम्मेदार है लश्कर: अमेरिका
पाकिस्तान के लाहौर स्थित आतंक निरोधक कोर्ट(एंटी-टेररिज्म कोर्ट) एटीसी में इस केस का ट्रायल चल रहा है। पर 8 सालों के भीतर ही ये केस नौंवे जज के पास जा पहुंचा है। हालांकि पाक अधिकारियों का कहना है कि ये ट्रांसफर नियमित यानि रुटीन ट्रांसफर का हिस्सा है। पर ऐसे नाजुक समय में जज का ट्रांसफर गहरी शंका पैदा करता है, जब आरोपी हाफिज नजरबंदी में हो।
परवेज मुशर्रफ का दावा, हाफिज नहीं था मुंबई हमलों में शामिल
पाक अधिकारियों ने बातचीत में बताया कि एटीसी के जज सोहैल अकरम को पंजाब न्यायिक सेवा में भेज दिया गया है, जिसके बाद फिर से इस मामले को जज कौसर अब्बाज जैदी देखेंगे। जैदी के पास अकरम से पहले ये मामला रह चुका है।
हाफिज सईद का नाम आरोपियों में शामिल नहीं
- फोटो : reuters
अकरम और जैदी के अलावा इस मामले की सुनवाई अतीकुर रहमान, शाहिद रफीक, मलिक मुहम्मद अकरन अवान और परवेज अली शाह जैसे जज कर चुके हैं। जिसकी जांच साल 2009 से चल रही है।
लश्कर-ए-तैयबा में छिड़ी जंग, भारत में हमले को लेकर हाफिज सईद और लखवी में घमासान
इस कोर्ट में जैदी ने जज रहते हुए मुख्य साजिश कर्ताओं में से एक जकीउर रहमान लखवी को दिसंबर 2014 में ये कहते हुए बेल दी थी कि उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं है। जैदी ने बेल ऑर्डर में कहा था कि कमजोर साक्ष्य के साथ ही एफआईआर में गैरजरूरी धाराओं का इस्तेमाल है।
इस मामले में पाकिस्तान ने भारत से 24 गवाहों से गवाही के लिए कहा था, पर तब से इस मामले में कोई सुनवाई ही नहीं हुई। भारत की मांग है कि पाकिस्तान में इस मामले में फिर से मुकदमा चले और हाफिज सईद जैसे आतंकियों पर लगाम लगे। मुंबई हमलों के आरोपियों में भी इसका नाम शामिल हो।
भारत की पाक को नसीहत- करे मुंबई हमले की दोबारा जांच, चलाए हाफिज पर मुकदमा
पाकिस्तान ने ये कहते हुए भारतीय मांग को खारिज कर दिया है कि जांच काफी आगे बढ़ चुकी है और हाफिज का नाम आरोपियों में शामिल नहीं किया जा सकता।