अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में पाकिस्तान को जाधव मामले पर भारत से मिली करारी हार के बाद शरीफ सरकार अपने ही घर में घिरती नजर आ रही है। जिस बात को भारत 16 बार चीख-चीख कर पाकिस्तान से कह चुका है अब वही बात पाकिस्तान की आवाम पाकिस्तानी हुकूमत से पूछने लगी हैं।
कुछ लोगों ने नवाज सरकार से सवाल किया है कि आखिर भारत के कहने पर भारतीय पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को कांसुलर एक्सेस के तहत कानूनी सहायता मुहैया क्यों नहीं कराई गई?पिछले साल मार्च में हुई जाधव की गिरफ्तारी के बाद भारत की ओर से 16 बार कांसुलर एक्सेस की मांग की गई थी, लेकिन एक बार भी शरीफ सरकार ने इसके लिए हामी नहीं भरी।
पाकिस्तानी एक्टिविस्ट आश्मा जहांगीर ने डान अखबार को बताया कि किसने पहली बार सरकार को जाधव मामले में कांसुलर एक्सेस नहीं देने के लिए राय दी थी। जहांगीर ने फिर कहा कि क्या ये भारतीय जेलों में सड़ रहे पाकिस्तानी कैदियों के लिए खतरा नहीं होगा? क्या अंतरराष्ट्रीय कानून को बदला जा सकता है?