हाउडी मोदी में पाकिस्तान खलल डालने की तैयारी कर रहा है
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी दौरे के लिए शुक्रवार को रवाना हो चुके हैं। वह रविवार को ह्यूस्टन में हाउडी मोदी कार्यक्रम के जरिए भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी उनके साथ मंच साझा करेंगे। इस कार्यक्रम से पहले ह्यूस्टन में रहने वाले कुछ लोगों ने दावा किया है कि मोदी के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए कुछ खालिस्तान समर्थक और नकली कश्मीरी समूह बनाकर आ सकते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ खालिस्तानी समर्थकों ने वाट्सऐप, फेसबुक और ट्विटर के जरिए कार्यक्रम को लेकर लोगों को नफरत भरे मैसेज भेजना और उन्हें वायरल करना शुरू कर दिया है। ह्यूस्टन में रहने वाले भारतीय समुदाय का कहना है कि कुछ लोग अपने आप को कश्मीरी बताकर मोदी के कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं। जबकि हकीकत में वह न तो घाटी के मूल निवासी हैं और न ही उन्हें कश्मीरी बोलनी आती है।
यह समूह पाकिस्तान के कुछ प्रतिनिधियों का है जो दुनिया के सामने झूठ पेश करना चाहते हैं। वैश्विक कश्मीरी पंडित समुदाय के मोहन सप्रू का कहना है कि जिहादी इस्लामी संगठन के वह लोग जो कश्मीर से नहीं हैं, वह भी झूठ बोलकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। अभी पश्चिमी मीडिया और अमेरिकी राजनेता इस बात को नहीं जानते कि आतंकवाद के कारण कश्मीर में किस तरह दुष्कर्म, हत्या और कश्मीरी हिंदुओं का नरसंहार हुआ है।
अमेरिका में सिखों का प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन सिख ऑफ अमेरिका के अध्यक्ष जयदीप सिंह ने भी पाकिस्तान की साजिश के बारे में सूचना दी। उन्होंने कहा कि पूरे अमेरिका में भारतीय हिंदू और अल्पसंख्यक सिख बेहतर तरीके से साथ रहते हैं। मगर सोशल मीडिया पर चल रहे नफरत भरे संदेश से उनके बीच अलगाव पैदा हो रहा है। कुछ वाट्सऐप समूहों में यह बात प्रचारित की जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
माना जा रहा है कि पाकिस्तान समर्थित समूह ह्यूस्टन के बाद न्यूयॉर्क में भी मोदी का विरोध करने के लिए पहुंच सकते हैं। यहीं पर संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक होनी है। न्यूयॉर्क सिटी पुलिस के अनुसार मोदी विरोधी रैली के लिए तीन समूहों ने इजाजत मांगी है। पुलिस की मानें तो इन प्रदर्शनों में सात हजार लोग जुट सकते हैं।