एक मीडिया आउटलेट के साथ इंटरव्यू में बुगती ने कहा, 'उन्हें (इमरान खान) जो सुविधाएं दी जा रहीं हैं, वे सलाखों के पीछे एक आम कैदी या प्रधानमंत्री को दी जाने वाली सुविधाओं से अधिक हैं, क्योंकि वह अदालतों के लाडले हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'जेल में उन्हें जिस तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं, वे किसी प्रधानमंत्री को नहीं दी गईं। एक आम नागरिक उनकी कल्पना भी नहीं कर सकता है।'
कार्यवाहक गृहमंत्री ने पाकिस्तान के पूर्व मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल की इमरान खान के लिए 'आपको देखकर अच्छा लगा' वाली टिप्पणी का भी जिक्र किया और कहा कि इस तरह की घटनाएं उनकी दलील को मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा, हमें यहां न्यायिक सुधारों की सख्त जरूरत हैं।
अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में नौ मई को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने हिंसक प्रदर्शन किया था, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय में खान की पेशी के दौरान बंदियाल ने ये टिप्पणियां कीं थीं। बंदियाल ने बाद में स्पष्ट किया कि यह अदालत के शिष्टाचार का हिस्सा था और इसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं था।
एनएबी को इमरान से पूछताछ के लिए मिला समय
दूसरी ओर, पाकिस्तान की जवाबदेही अदालत ने आज अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में जेल में बंद इमरान खान से पूछताछ के लिए भ्रष्टाचार निरोधक निकाय को चार दिन का समय दिया है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' अखबार की खबर के मुताबिक, इमरान खान विभिन्न मामलों में 26 सितंबर से जेल में बंद हैं। जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश मोहम्मद बशीर ने गुरुवार को उच्च सुरक्षा वाली जेल के अंदर सुनवाई की।
न्यायाधीश बशीर ने राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) को उच्च सुरक्षा वाली जेल के अंदर पीटीआई पार्टी प्रमुख की जांच करने का आदेश दिया और कहा कि उन्हें कहीं स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। खबर के मुताबिक, न्यायाधीश ने एनएबी जांच दल और अभियोजन पक्ष को सुनवाई की अगली तारीख 27 नवंबर तक जांच पूरी करने का भी निर्देश दिया।
बुशरा बीबी की शादी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
वहीं, देश की एक अदालत ने आज इमरान खान की तीसरी पत्नी बुशरा बीबी से उनकी 'गैर इस्लामी' शादी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। मीडिया की खबरों के मुताबिक, इस्लामाबाद की एक स्थानीय अदालत ने याचिकाकर्ता मोहम्मद हनीफ की ओर से दाखिल याचिका को खारिज कर दिया, क्योंकि उन्होंने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ अपना मामला वापस ले लिया था।
हनीफ ने इमरान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था, क्योंकि उन्होंने अपनी वर्तमान पत्नी से शादी की थी, जबकि वह कथित तौर पर इद्दत की अवधि पर थीं। इद्दत अवधि तीन महीने की एक प्रतीक्षा अवधि है जिसे एक मुस्लिम महिला को अपने पति की मृत्यु या शादी टूटने के कारण पालन करना होता है।