इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी को राहत भरी खबर दी है। शुक्रवार को एक याचिका में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इमरान खान के वकीलों, नेताओं को आदियाला जेल में मिलने की अनुमति होगी।
आठ फरवरी को पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में जोर अजमाइश चल रही है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ भी चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए लगातार सभाओं को आयोजित कर रही हैं। इसी बीच, इस्लामाबाद हाईकोर्ट से शुक्रवार को पार्टी के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। हाईकोर्ट ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के नेताओं और वकीलों को आठ फरवरी को होने वाले चुनाव के मुद्देनजर रणनीति बैठकें करने के लिए अदियाला जेल में बंद इमरान खान से मिलने की अनुमति दे दी हैं।
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आदियाला जेल में मिल सकेंगे पार्टी के नेता
इस्लामाबाद हाईकोर्ट का फैसला इमरान खान द्वारा दायर याचिका पर सुनाया गया है, जिसमें पार्टी के सदस्यों असद कैसर, जुनैद अकबर खान, सीनेटर औरंगजेब कान और मोहम्मद खान और इश्तियाक मेहरबान के साथ बैठक करने की अनुमित मांगी गई थी। शुक्रवार की सुनवाई के दौरान पाकिस्तान के अटॉर्नी-जनरल (एजीपी) मंसूर उस्मान अवान, इमरान खान की पार्टी के वकील और अदियाला जेल अधीक्षक आईएचसी में पेश हुए।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के वकील शोएब शाहीन ने कहा कि पार्टी को 700 टिकटों के आवंटन के लिए चर्चा करने की जरूरत हैं, जबकि एजीपी ने याचिका पर आपत्ति जताई है। जस्टिस औरंगजेब ने अवान की दलीलों पर नाराजगी जताई और पूछा, क्या सुप्रीम कोर्ट का अतिरिक्त नोट आपके लिए अपर्याप्त है? क्या आप चाहते हैं कि मैं भी आपके खिलाफ एक नोट लिखूं?
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बता दें चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही प्रमुख राजनीतिक दलों के खेमों में चुनाव से जुड़ी गतिविधियां शुरू हो गई हैं। रविवार को नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त होने के साथ ही चुनाव कार्यक्रम पूरी तरह से चल रहा है। रिटर्निंग अधिकारी 25 दिसंबर से 30 दिसंबर तक नामांकन पत्रों की जांच करेंगे।
क्या है मामला
पिछले साल मार्च में वाशिंगटन में देश के दूतावास द्वारा भेजे गए एक गुप्त राजनयिक केबल (साइफर) का खुलासा करके आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन करने के आरोप में पूर्व पीएम इमरान खान के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद अगस्त में गिरफ्तार किया गया था। 71 वर्षीय इमरान खान और उनके करीबी सहयोगी पूर्व विदेश मंत्री 67 वर्षीय शाह महमूद कुरैशी को सोमवार को विशेष अदालत ने खुफिया जानकारी को लीक करने के आरोप में दोषी ठहराया था।