तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेतृत्व वाली संघीय सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद शनिवार को लाहौर से करीब 200 किलोमीटर दूर गुजरात जिले के सराय आलमगीर में अपना 25 दिवसीय विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। संघीय आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा, सरकार ने विशेष रूप से ईशनिंदा कानूनों पर टीएलपी की सभी वैध मांगों को स्वीकार कर लिया।
पहली बार, संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के तहत एक काउंटर ईशनिंदा विंग (सीबीडब्ल्यू) की स्थापना होगी। सनाउल्लाह ने कहा, सरकार सोशल मीडिया पर ईशनिंदा सामग्री को रोकने के लिए यह कदम उठाएगी।
टीएलपी की बड़ी राजनीतिक जीत
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन के मुताबिक, कट्टरपंथी इस्लामी समूह ने बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की है। संघीय सरकार ने एक पत्र जारी करने पर सहमति व्यक्त की। पत्र में लिखा जाएगा कि टीएलपी एक आतंकवादी संगठन नहीं था। सरकार ने टीएलपी कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ दायर सभी राजनीतिक मामलों को वापस लेने पर सहमति दी। साथ ही प्रसारण और सोशल मीडिया पर टीएलपी के कवरेज पर लगे प्रतिबंध को हटाने की बात भी मानी।