गुजरात में तबाही मचाकर पाकिस्तान के सिंध प्रांत पहुंचा चक्रवाती तूफान वहां तट से टकराकर कमजोर पड़ गया है। जिससे पाकिस्तान चक्रवाती तूफान से होने वाली तबाही से बच गया है। पाकिस्तान की सरकार ने भी चक्रवाती तूफान की भीषणता को देखते हुए तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया था और अपने स्तर पर बचाव की तैयारी भी कर ली थी लेकिन तूफान सिंध के तट से टकराकर कमजोर पड़ गया। जिससे पाकिस्तान की सरकार और वहां के लोगों ने राहत की सांस ली है।
कमजोर पड़ा चक्रवाती तूफान बिपरजॉय
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के तटीय शहर केती से चक्रवाती तूफान बिपरजॉय टकराया। तूफान के चलते केती में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई थी। अब पाकिस्तान के मौसम विभाग ने कहा है कि चक्रवाती तूफान जमीन से टकराकर कमजोर पड़ गया है और 'बहुत भीषण' से 'भीषण चक्रवाती' तूफान में बदल गया है। पाकिस्तानी मौसम विभाग ने बताया कि अरब सागर के ऊपर बिपरजॉय बहुत भीषण चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रखा गया था लेकिन गुजरात में तट से टकराने के बाद यह कमजोर पड़ गया। पाकिस्तान के सिंध आते-आते यह और भी कमजोर हो गया है।
पाकिस्तान की पर्यावरण मंत्री शेरी रहमान ने ट्वीट कर बताया कि पाकिस्तान पूरी तरह तैयार था लेकिन तूफान की भीषणता से बच गया है। तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगह भेज दिया गया है। पाकिस्तान में अब प्रभावित लोगों को वापस उनके घर भेजने की तैयारी की जा रही है।
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लोग बता रहे दरगाह का चमत्कार
भारत के कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र से गुजरते हुए चक्रवाती तूफान बिपरजॉय ने काफी तबाही मचाई। वहीं पाकिस्तान का कराची शहर इस तबाही से पूरी तरह बच गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि शहर इसके संरक्षक संत की वजह से फिर बच गया। स्थानीय लोग मानते हैं कि कराची में मौजूद अब्दुल्लाह शाह गाजी की दरगाह की वजह से तूफान से कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि कायद ए आजम यूनिवर्सिटी की अर्थ साइंस विभाग की प्रोफेसर मोना लिसा का कहना है कि कराची तीन प्लेटों (हिंद, यूरेशियन और अरब) की सीमा पर बसा है, जिसकी वजह से यहां आने वाले तूफान कमजोर पड़ जाते हैं।