एक समय किया करते थे आलोचना, अब बताया रणनीतिक रूप से अहम
इस बैठक के दौरान इमरान खान ने कहा कि यह परियोजना दोनों देशों के लिए रणनीतिक महत्व वाली और ठोस लाभ पहुंचाने वाली है। बता दें कि पाकिस्तान की सत्ता में आने से पहले इमरान खान इस परियोजना की आलोचना किया करते थे। तब उन्होंने इसकी गोपनीयता और असमान निवेश पर सवाल उठाए थे और कहा था कि इसमें देश के कुछ प्रांतो की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है।
इमरान खान ने कहा कि सीपीईसी की शुरुआती फसल परियोजनाओं ने पाकिस्तान के आर्थिक परिदृश्य को बदल दिया है। उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना ने देश में स्थाई आर्थिक विकास के लिए एक ठोस नींव रखी है। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने वर्तमान में चल रहीं सीपीईसी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और भविष्य की पहलों के लिए तैयारियों पर विचार-विमर्श किया।
चीन ने इस दौरान परियोजनाओं में देरी का मुद्दा भी उठाया जिस पर इमरान खान ने दोनों पक्षों का समय से काम पूरा करने का आश्वासन दोहराया। अपनी चीन यात्रा से पहले ही इमरान खान ने सीपीईसी परियोजनाओं की रफ्तार को प्रभावित करने वाले 37 नियमों को हटाने का आदेश दिया था। इमरान खान यहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रीमियर ली केकियांग से भी मुलाकात करेंगे।