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Pakistan: आर्मी चीफ की नियुक्ति के मुद्दे पर हथियार डाल दिए शहबाज शरीफ सरकार ने?

Mon, 14 Nov 2022 12:16 AM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पर्यवेक्षकों की नजर अब इस पर है कि अगर मौजूदा सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा के बाद के सबसे वरिष्ठ अधिकारी को सेनाध्यक्ष बनाया जाता है, तो क्या इमरान खान उसे मेरिट के आधार पर हुई नियुक्ति मानेंगे?
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Pakistan: Nawaz sharif and Shahbaz Sharif - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ऐसा लगता है कि पाकिस्तान में नए सेनाध्यक्ष की नियुक्ति के मसले पर शहबाज शरीफ सरकार झुक गई है। अखबार टाइम्स ऑफ पाकिस्तान में छपी खबर के मुताबिक शहबाज शरीफ और उनके बड़े भाई नवाज शरीफ के बीच लंदन में इस बात सहमति बन गई है कि सबसे वरिष्ठ सेनाधिकारी को अगला सेनाध्यक्ष बना दिया जाए। इसके पहले पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने आरोप लगाया था कि नवाज शरीफ अपनी पसंद के अफसर को सेनाध्यक्ष बनवाने पर अड़े हुए हैं। शहबाज शरीफ इस मामले में पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) के सुप्रीमो नवाज शरीफ से विशेष चर्चा के लिए लंदन गए। 

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दोनों भाइयों में विवाद ना बढ़ाने पर सहमति बनी
टाइम्स ऑफ पाकिस्तान के मुताबिक शुक्रवार को दोनों भाइयों में बातचीत के दौरान इस मामले में विवाद ना बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों इस पर राजी हुए कि सेनाध्यक्ष की नियुक्ति में अपनी पसंद के बजाय मेरिट को तरजीह दी जाए। इसके पहले यहां सरकार के प्रवक्ता ने कहा था कि सेनाध्यक्ष की नियुक्ति एक संवैधानिक मामला है और इसे संविधान के प्रावधानों के तहत ही किया जाएगा। शुक्रवार को दिन भर यहां इस मुद्दे पर माहौल गर्म रहा। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के फिर से शुरू हुए लॉन्ग मार्च को पार्टी अध्यक्ष इमरान खान ने वीडियो लिंक के जरिए संबोधित किया। उसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ सेनाध्यक्ष की नियुक्ति मेरिट के आधार पर नहीं होने देंगे। इमरान खान ने कहा- ‘अगले सेनाध्यक्ष की नियुक्ति मेरिट के आधार पर होनी चाहिए। लेकिन नवाज शरीफ ऐसा होने नहीं देंगे। वे संस्थाओं पर अपना नियंत्रण चाहते हैं, ताकि लूटे हुए अपने धन को बचा सकें।’

इमरान का पीएम शहबाज पर निशाना 
इमरान खान ने कहा कि पीएमएल-एन का संस्थाओं को प्रभावित करने का इतिहास रहा है। शहबाज शरीफ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अपने भाई से मिलने लंदन गए हैं, जो एक फरार अपराधी हैं और इलाज कहाने के बहाने भाग कर लंदन गए थे। शहबाज शरीफ वहां फरार अपराधी भाई से राय मशविरा कर पाकिस्तान के बारे में महत्त्वपूर्ण फैसले ले रहे हैँ। किसी सभ्य और कानून के राज वाले समाज में ऐसा होने की कोई इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता।’
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पर्यवेक्षकों की नजर अब इस पर है कि अगर मौजूदा सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा के बाद के सबसे वरिष्ठ अधिकारी को सेनाध्यक्ष बनाया जाता है, तो क्या इमरान खान उसे मेरिट के आधार पर हुई नियुक्ति मानेंगे? इमरान खान ने लगातार सेना और सरकार दोनों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। उनके और उनकी पार्टी के नेताओं के बयानों से पाकिस्तान की सेना की छवि काफी बिगड़ी है। इससे सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ आम तौर पर शासक समूह परेशान रहे हैँ। समझा जाता है कि इन्हीं हालात के दबाव में शरीफ भाइयों ने सीरियरिटी का सम्मान करने का मन बनाया है, ताकि इस मुद्दे पर विवाद को शांत किया जा सके। 
 
इस बीच पीएमएल-एन के सूत्रों ने कहा है कि वर्तमान सरकार राजनीतिक निर्णय लेने के मामले में कोई दबाव बर्दाश्त नहीं करेगी। अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक उन्होंने इस बात का खंडन किया है कि सेनाध्यक्ष की नियुक्ति के मसले पर सरकार दबाव में है। उन्होंने दावा किया है कि ऐसे तमाम फैसले देश हित को ध्यान में रखते हुए लिए जाएंगे। 

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