पाकिस्तान का मुख्य नागरिक डेटाबेस हैक किया गया है। संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने गुरुवार को एक संसदीय पैनल को सूचित करते हुए कहा कि अब तक इसका उपयोग केवल अवैध मोबाइल सिम कार्ड जारी करने के लिए किया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार पर नेशनल असेंबली स्टैंडिंग कमेटी को जानकारी करते हुए एफआईए ने नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (नादरा) के डेटा हैक पर खुलासा किया।
नादरा का डाटा हैक हुआ
एफआईए के साइबर क्राइम विंग के प्रमुख, अतिरिक्त निदेशक तारिक ने कहा कि नादरा के डाटा में गड़बड़ी गई है। इसे हैक कर लिया गया और पंजीकरण निकाय के बायोमेट्रिक डेटा को चुराने के बाद नकली सिम कार्ड भी बेचे जा रहे थे। नादरा के पास पाकिस्तान के नागरिकों को उनका पूरा डाटा रिकॉर्ड करने के बाद राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट जारी करने का एकमात्र अधिकार है।
अलग से जारी एक बयान में तारिक ने स्पष्ट किया कि नादरा का सारा डेटा हैक नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि सिम सत्यापन प्रक्रिया के दौरान बायोमेट्रिक डेटा शामिल है, नादरा के बायोमेट्रिक सिस्टम से छेड़छाड़ हुई है। उन्होंने और कोई विवरण नहीं दिया। संसदीय पैनल को ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब के फैसलाबाद क्षेत्र में एक कार्रवाई के दौरान 13,000 नकली सिम जब्त किए गए।