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इमरान खान का नया पैंतरा, अब भारत को बाकी पड़ोसियों के लिए भी बताया खतरा

Thu, 28 May 2020 08:45 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

  • मोदी सरकार पर विस्तारवादी और आक्रामक रवैया अपनाने का आरोप
  • चीन और नेपाल के साथ सीमा विवाद के बहाने पाकिस्तान ने चली नई कूटनीतिक चाल
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Pak PM Imran Khan and China President Xi Jinping - फोटो : Social Media (सांकेतिक)
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विस्तार
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आखिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी हुकूमत भारत से इतना क्यों आतंकित रहती है? क्यों उन्हें लगता है कि भारत से सिर्फ पाकिस्तान को ही नहीं सभी पड़ोसी देशों को खतरा है? पाकिस्तान दुनिया को ये बार बार क्यों बताना चाहता है कि भारत का विस्तारवादी और आक्रामक रवैये से आसपास के सभी मुल्क परेशान हैं।

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दरअसल इमरान खान के ताजा ट्वीट के बाद ये सवाल तेजी से उठ रहा है। इमरान खान ने साफ तौर पर चीन, नेपाल और बांग्लादेश का जिक्र करते हुए कहा है कि भारत पाकिस्तान के साथ इन मुल्कों के खिलाफ भी रिश्ते सही नहीं रख पा रहा है।

नेपाल और चीन के साथ ताजा सीमा विवाद बढ़ाकर और बांग्लादेश को सीएए जैसे कानून बनाकर और पाकिस्तान को कश्मीर के टुकड़े करके भारत ने बार-बार अपना नाजी चेहरा दिखाया है।
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इमरान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार पर हिंदुत्ववादी और विस्तारवादी होने का आरोप लगाया है। उनके विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी पीटीवी के जरिये इस तरह की भारत विरोधी मुहिम को बढ़ावा देते रहते हैं।

भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्ते पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर के विभाजन के बाद और उसे विशेष राज्य का दर्जा खत्म करके केंद्रशासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से ज्यादा बिगड़ गए।

अब वहां नया डोमिसाइल कानून लागू करने के बाद से भी पाकिस्तान की बौखलाहट और बढ़ गई है।

अब इमरान खान को हाल के सीमा विवाद और भारत के अन्य पड़ोसी देशों के साथ बढ़ी तनातनी को लेकर दुनिया के सामने ये तर्क रखने का बहाना मिल गया है कि भारत के रिश्ते सिर्फ पाकिस्तान से ही नहीं, बाकी पड़ोसियों से भी ठीक नहीं हैं।

उधर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से अपनी सेना को युद्ध के लिए तैयार रहने के लिए कहने और नेपाल में नया नक्शा जारी करने जैसी घटनाओं को पाकिस्तान ने गंभीरता से लिया है।

साथ ही जिस तरह भारत के शीर्ष नेतृत्व ने अपने तमाम सेना प्रमुखों के साथ बैठक कर जिस तरह खुद को हर हाल में तैयार रहने को कहा है, उसे पाकिस्तान अपने पक्ष में भुनाना चाहता है।

कश्मीर का सवाल वह संयुक्त राष्ट्र के सामने लगातार उठाने का साथ ही अमेरिका से इस मामले में मध्यस्थता करने की बार-बार अपीलें करने के बाद अब पाकिस्तान को ये स्थिति कहीं न कहीं अपने पक्ष में नजर आ रही है।

वह ऐसे बयान देकर नेपाल और चीन के साथ बांग्लादेश को भी ये बताने की कोशिश कर रहा है कि भारत की मोदी सरकार की असलियत समझें।

लेकिन भारत, पाकिस्तान की इस कूटनीतिक हरकत को समझता है और वह कोई भी प्रतिक्रिया देने की जरूरत फिलहाल नहीं समझ रहा है।

वैसे भारत बार बार कहता रहा है कि पड़ोसियों से रिश्तों और आपसी विवादों के मामले में वह किसी भी कीमत पर किसी तीसरे देश की मध्यस्थता मंजूर नहीं करेगा और द्विपक्षीय मामले आपस में ही सुलझाए जाएंगे।     
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