जिम्बाब्वे और मलावी के क्वारंटीन केंद्रों से सैकड़ों लोगों के भागने के बाद उनकी खोज तेज हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक इनमें कई लोग कोरोना से संक्रमित हैं जो खतरनाक साबित हो सकते हैं। मलावी में, हाल ही में दक्षिण अफ्रीका और अन्य जगहों से 400 से अधिक लोगों को वापस लाया गया और ब्लैंतायर के एक स्टेडियम में बने केंद्र में रखा गया। लेकिन इनमें से कइयों को पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों ने दीवार कूदकर या गेट से बाहर टहलते हुए देखा। हालांकि पुलिस और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मुताबिक पर्याप्त सुरक्षात्मक गियर की कमी के कारण वे उन्हें रोकने में असमर्थ थे।
अधिकारियों के मुताबिक कोरोना से संक्रमित कम से कम 46 लोग भाग गए हैं। भागने वालों में से कुछ ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने पुलिस को रिश्वत दी थी।
वहीं जिम्बाब्वे की पुलिस प्रवक्ता पॉल न्याथी ने कहा कि क्वारंटीन केंद्रों से भागे करीब सौ लोगों की तलाश की जा रही है। विदेश से लौटे इन सभी लोगों को 21 दिनों तक क्वारंटीन केंद्रों में अनिवार्य रूप से रहना था। उन्होंने कहा, 'वे भागने के बाद गांवों में घुस जाते हैं, जो खतरनाक है। हम लोगों को उन्हें शरण देने से रोकने की चेतावनी दे रहे हैं।
जिम्बाब्वे और मलावी दोनों में 200 से कम पुष्ट मामले हैं, लेकिन दक्षिण अफ्रीका जहां दोनों देशों से कई लोग काम की तलाश में जाते हैं, वहां 25,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। अफ्रीकी महाद्वीप में लगभग 125,000 मामले दर्ज किए गए हैं।