खान ने मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की विधानसभा के एक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि यदि पाकिस्तान और भारत के बीच कोई युद्ध होता है तो विश्व समुदाय इसका जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा, ‘कश्मीर और पाकिस्तान पर विश्व की नजर है। मैं कश्मीर की आवाज को हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने वाला दूत बनूंगा।’ खान ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने के भारत सरकार के कदम को ‘रणनीतिक गलती’ करार दिया।
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह अंतिम कार्ड खेलकर एक रणनीतिक गलती की है। मोदी और भाजपा को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी क्योंकि उन्होंने कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण कर दिया है। खान ने कहा, ‘भारत ने कर्फ्यू के दौरान जो कुछ किया, हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहेंगे कि उसके लिए आप जिम्मेदार हो। जो भी मंच होगा, वहां मैं दूत बनूंगा और कश्मीर मुद्दे को हर मंच पर उठाऊंगा।’
उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान के खिलाफ भारत कोई आक्रामकता दिखाता है तो उनका देश पूरी ताकत से जवाब देगा। खान ने कहा कि पाकिस्तानी सेना के पास पूरी जानकारी है कि भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कार्रवाई की योजना बनाई है। उन्होंने कहा, ‘आप कार्रवाई कीजिए और मेरा यह संदेश है कि हर ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। आप जो भी करेंगे, हम उसका जवाब देंगे, हम अंत तक जाएंगे।’’
खान ने कहा, ‘युद्ध रोकने के लिए बनाए गए अंतरराष्ट्रीय संगठनों को हमारा संदेश है कि यदि युद्ध होता है तो आप जिम्मेदार होंगे।’ उन्होंने दावा किया कि विश्व में समूची मुस्लिम आबादी सहित पूरा विश्व संयुक्त राष्ट्र की ओर देख रहा है। खान ने संयुक्त राष्ट्र के आगामी वार्षिक सत्र का संदर्भ देते हुए कहा, ‘आप देखेंगे कि सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान कितनी बड़ी संख्या में लोग बाहर निकलकर आएंगे।’
बाजवा की बयानबाजी
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा ने बुधवार को कहा कि कश्मीर की वास्तविकता न तो 1947 में कागज के अवैध टुकड़े से बदली गई थी और न ही अब या भविष्य में किसी कार्रवाई से ऐसा किया जा सकता।
'इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस' के महानिदेशक के एक ट्वीट के अनुसार बाजवा ने स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा कि कश्मीर पर कभी समझौता नहीं हो सकता।
बाजवा ने जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय और भारत द्वारा हाल ही में राज्य से विशेष दर्जा वापस लिये जाने की ओर कथित रूप से इशारा करते हुए कहा, "1947 में कश्मीर की वास्तविकता को न तो कागज के एक गैरकानूनी टुकड़े द्वारा बदला जा सका था और न ही कोई अन्य अब या भविष्य में ऐसा कर सकता।"
भारतीय संविधान की आलोचना करते हुए इमरान खान यहां तक कह गए कि अनुच्छेद हटा कर भारत की सहिष्णुता को खत्म कर दिया गया है। भारत में रह रहे 18 करोड़ मुसलमानों पर खतरे की आशंका जताते हुए खान ने कहा कि कश्मीर के भारतीय नेता आज दो राष्ट्र (टू नेशन थ्योरी) का समर्थन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'हमारी सेना करीब 20 साल से आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। हमारे लोग अपनी आजादी की रक्षा के लिए लड़ने को तैयार हैं। हम देख रहे हैं कि स्थितियां कैसी बनती हैं। पाकिस्तान पूरी तरह से तैयार है; हमारी सेना और हमारी जनता एक साथ हैं। हमने फैसला लिया है कि हम किसी तरह का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसका जवाब देने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं।'