पाकिस्तान की विपक्षी पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) की एक सांसद नफीसा शाह ने कहा कि आपातकाल के इस समय में नेता को स्पष्ट फैसले लेने होते हैं और उन्हें लागू करवाना होता है। आपको ऐसा करने में घबराहट नहीं होनी चाहिए। यदि प्रधानमंत्री निर्णायक फैसले नहीं लेंगे तो फैसले कोई और करने लगेगा।
लॉकडाउन लागू होने के बाद भी, इमरान खान ने इसके कार्यान्वयन की आवश्यकता पर सवाल उठाना जारी रखा। वह लगातार वायरस से निपटने में देश की प्रतिक्रिया पर सवाल खड़े करते रहे। वो भी उस समय में, जब पड़ोसी भारत सहित दुनिया भर के कई देशों में ऐसे कठोर उपाय किए जा रहे हैं।
पाकिस्तानी अखबार द डॉन के अनुसार, देश में कोविड-19 के 12,657 मामले सामने आए हैं और 265 लोगों की मौत हुई हैं। पंजाब में सबसे ज्यादा मामले हैं, जहां 5,326 लोग इससे संक्रमित हैं। वहीं, इसके बाद सिंध में 4,232 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा कोरोना से संक्रमित होने के चलते, देश भर में डॉक्टरों और नर्सों द्वारा व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।