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उम्मीदों पर फिरा पानी: डर के मारे पाकिस्तान के NSA ने रद्द किया अफगानिस्तान का दौरा, काबुल से मिली थी ये सूचना

Thu, 20 Jan 2022 12:25 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

अफगानिस्तान में तालिबान का शासन कायम होने के बाद कई अहम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान के एनएसए दो दिवसीय काबुल दौरे पर जाने वाले थे। लेकिन अब उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी है।
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पाकिस्तान के एनएसए मोइद यूसुफ - फोटो : twitter.com/yusufmoeed
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विस्तार
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पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ ने अपनी अफगानिस्तान यात्रा को रद्द कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन के डर से यह कदम उठाया है। बताया जा रहा है कि काबुल एयरपोर्ट पर पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन आयोजित किए जाने थे जिसे देखते हुए एनएसए ने अपना मन बदल लिया। एनएसए यूसुफ की यात्रा 18 जनवरी को प्रस्तावित थी जिसके तहत अफगानिस्तान में एक अंतर-मंत्रालयी पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए सीमा पर बाड़ लगाने के मुद्दे पर चर्चा करनी थी। इसके अलावा तालिबान शासन के साथ युद्धग्रस्त देश की मानवीय जरूरतों का जायजा लेना था।

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काबुल एयरपोर्ट पर भारी संख्या में पाक विरोधी प्रदर्शनकारियों के जुटने की उम्मीद थी
एनएसए यूसुफ ने अपनी दो दिवसीय यात्रा को रद्द कर दिया क्योंकि काबुल में हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पाकिस्तान के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध की योजना बनाई गई थी, अफगानिस्तान के पझवोक अफगान न्यूज ने बताया। वहीं राजनयिक सूत्र का हवाला देते हुए, एक समाचार आउटलेट ने कहा कि यूसुफ ने शर्मिंदगी से बचने के लिए यात्रा को रद्द किया है।

पाकिस्तान अधिकारी ने खराब मौसम का हवाला दिया
हालांकि पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि खराब मौसम के कारण यूसुफ की यात्रा स्थगित कर दी गई है। वहीं एक सूत्र ने बताया कि सैकड़ों अफगानों ने पाकिस्तान विरोधी तख्तियां लिए हुए मंगलवार को इस्लामाबाद की नीति को 'दोतरफा' बताते हुए हवाई अड्डे तक मार्च किया।
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डूरंड रेखा की वजह से बढ़ रहा पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तनाव
ब्रिटिश काल की डूरंड रेखा पर बाड़ लगाने को लेकर दोनों पड़ोसियों के बीच तनाव बढ़ रहा है, जिसे काबुल औपचारिक अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता नहीं देता है। यूसुफ की यात्रा के दौरान सीमा पर बाड़ लगाना चर्चा के प्रमुख विषयों में से एक था। पाकिस्तान ने 2,670 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर करीब 90 फीसदी बाड़ लगाने का काम पूरा कर लिया है ताकि आतंकवादियों के लिए आसान रास्ता रोका जा सके।

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