दोनों दलों की समन्वय समितियों के बीच शनिवार को तीसरी बैठक हुई। लेकिन यह बेनतीजा रही। दोनों ने सत्ता साझेदारी के फॉर्मूले को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार यानी कल फिर बैठक करने का फैसला किया है। बैठक के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
पीएमएल-एन और पीपीपी (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी) के एक साझा बयान में कहा गया, दोनों पक्षों की ओर से रखे गए प्रस्तावों पर चर्चा की गई और महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की गई। मामलों को अंतिम रूप देने के लिए आगे विचार-विमर्श की जरूरत है। पीएमएल-एन ने शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद का उम्मीमदवार घोषित किया है।
निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीती सबसे ज्यादा सीट
आम चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने 265 सीट में से 93 पर जीत हासिल की है। वहीं 75 सीट पर जीत के साथ पीएमएल-एन दूसरे नंबर पर रही। जबकि, 54 सीट के साथ पीपीपी तीसरे नंबर पर रही। मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) भी उन्हें 17 सदस्यों का समर्थन देने के लिए राजी हो गया है।
बैठक में कौन-कौन रहे शामिल
सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 266 सदस्यीय नेशनल असेंबली में 133 का आंकड़ा पार करना होगा। शनिवार को बैठक में पीएमएल-एन की ओर से पूर्व वित्त मंत्री इशाक डार, सरदा अयाज सादिक, आजम नजीर तरार और मलिक मुहम्मद अहमद खान ने प्रतिनिधित्व किया। जबकि, पीपीपी की ओर से सिंध के पूर्व मुख्यमंत्री मुराद अळी शाह, सईद गनी, कमर जमान कैरा, नदीम अफजल चान और नवाब सनाउल्लाह जेहरी ने भाग लिया।
पीपीपी ने शर्त के साथ समर्थन का दिया आश्वासन
इससे पहले गुरुवार को बैठक हुई थी। इस बैठक में दोनों दलों के प्रतिनिधियों ने पहली बैठक में चर्चा किए गए प्रस्तावों का आकलन करने के लिए और समय मांगा था। पीपीपी ने इस शर्त पर पीएमएल-एन को सरकार गठन और अगला प्रधानमंत्री चुनने में अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया था कि बदले में उसे राष्ट्रपति सहित कई अहम संवैधानिक पद मिलेंगे। पीपीपी ने यह भी घोषणा की थी कि केंद्र में पीएमएल-एन के समर्थन के बावजूज पार्टी संघीय मंत्रिमंडल में कोई मंत्रालय नहीं लेगी।
पीटीआई समर्थकों और पुलिस की झड़प
वहीं, संसदीय चुनाव में कथित धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पीटीआई समर्थनकों की अलग-अलग शहरों में पुलिस के साथ झड़प हो रही है। डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, पीटीआई समर्थन विरोध दर्ज कराने के लिए शनिवार को लाहौर प्रेस क्लब और पार्टी के जेल रोड कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। इस दौरान उन्होंने नारे लगाए और 'चोरी किए गए जनादेश' को बहाल करने की मांग की। उन्होंने सियासी दलों के पोलिंग एजेंट की निगरानी में मतदान केंद्रों पर तैयार किए फॉर्म 45 के अनुार वोटो की गिनती के आधार पर सही परिणाम की मांग की।
आसिफ अली जरदारी होंगे राष्ट्रपति पद के लिए पीपीपी के उम्मीदवार: बिलावल
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी ने फैसला किया है कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए आसिफ अली जरदारी उनके उम्मीदवार होंगे। देश के एक प्रमुख अखबार ने बिलावल के हवाले से कहा कि देश में फैल रही असंतोष की आग पर काबू पाने के लिए हमने फैसला किया है कि राष्ट्रपति चुनाव में जरदार हमारे उम्मीदवार होंगे।
भुट्टो ने थट्टा इलाके में एक रैली में कहा कि वह केंद्र और प्रांतों को बचाएंगे। उन्होंने कहा कि जब उनके पिता जरदारी पद संभालेंगे तो वह इस आग को बुझा देंगे। खबर के मुताबिक, बिलावल ने अपनी पार्टी को उन लोगों के साथ आगे बढ़ने का निर्देश दिया है। जिन्होंने उसके लिए वोट मांग हैं और बदले में कोई मंत्रालय नहीं मानेंगे।
उन्होंने कहा, मुझसे कहा गया था कि हमें तीन साल के लिए प्रधानमंत्री बनने दें और फिर आप शेष दो साल के लिए प्रधानमंत्री का पद संभाल सकते हैं। मैंने इसके लिए मना कर दिया। मैंने कहा कि मैं इस तरह प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहता। उन्होंने अगर बनना चाहता हूं तो यह तब होगा जब पाकिस्तान के लोग मुझे चुनेंगे। पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि देश को ऐसे सियासी दल की जरूरत है, जो जनता की समस्यां पर बात करे। उन्होंने कहा कि आर्थिक और राजनीतिक संकट ने समाज को बांट कर रख दिया है।
धांधली के आरोपों की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित
वरिष्ठ नौकरशाह की तरफ से लगाए गए चुनाव में धांधली के आरोपों की जांच के लिए पाकिस्तान चुनाव आयोग ने उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। रावलपिंडी के पूर्व आयुक्त लियाकत अली चट्ठा ने शनिवार को आरोप लगाया था कि रावलपिंडी के 13 उम्मीदवारों को गलत तरीके से विजेता घोषित किया गया। चट्ठा ने चुनाव परिणामों में हेरफेर के लिए जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा भी दे दिया है।
पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने चट्ठा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग ने आरोपों पर चर्चा के लिए आपात बैठक बुलाई और उसकी जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी। मुख्य चुनाव आयुक्त सिंकदर सुल्तान रजा बैठक में वीडियो लिंक के जरिये मौजूद रहे। समिति की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव नियामक यह तय करेगा कि आयुक्त पर अवमानना का मुकदमा चलाया जाए या नहीं। उच्च स्तरीय समिति संबंधित जिला चुनाव अधिकारियों और चुनाव अधिकारियों के बयान दर्ज करेगी और तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को सौंपेगी।