पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल)
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जेल में बंद हैं। उन्होंने आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले पीटीआई समर्थकों और पाकिस्तान की आवाम से कहा है कि उन्हें बड़ी संख्या में मतदान में हिस्सा लेकर चुनाव को सफल बनाना चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री ने दावा किया कि वे अमेरिकी दबाव को बेअसर साबित करने में सफल रहे। इमरान के मुताबिक पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव में जनता की भागीदारी 'वोट के हथियार' के रूप में सामने आएगी। उन्होंने कहा कि अगर उनकी जगह कोई दूसरा प्रधानमंत्री होता तो पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में अमेरिकी हस्तक्षेप को रोकने में सफल नहीं हो पाता।
इमरान का दावा है कि अगर उन्होंने अमेरिकी ताकत को चुनौती नहीं दी होती तो पाकिस्तान का कोई भी प्रधानमंत्री अपने देश में इस तरह के खुलेआम विदेशी हस्तक्षेप का सामना करने की हिम्मत नहीं कर पाता। एक अन्य अहम सियासी घटनाक्रम में इमरान खान की पार्टी ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संगठनात्मक चुनाव टालने का फैसला लिया है। पीटीआई ने 'दुर्भाग्यपूर्ण सुरक्षा स्थिति' को जिम्मेदार ठहराया है।
पाकिस्तान के आम चुनाव में इमरान के सामने बड़ी चुनौती
इमरान खान ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर लिखा कि उन्हें मनगढ़ंत मामलों में दंडित किया गया। उन्होंने समर्थकों से अपील की है कि उनके खिलाफ साजिश करने वाले लोगों को उखाड़ फेंकने के लिए चुनाव में बड़ी संख्या में मतदान करें। गौरतलब है कि इमरान खान अगस्त, 2022 से ही जेल में बंद हैं। उनकी पार्टी का चुनाव चिह्न- क्रिकेट का बल्ला छिन चुका है। पाकिस्तान चुनाव आयोग (ECP) खुद उनके और उनकी पार्टी के कई नेताओं के नामांकन पत्र खारिज कर दिए हैं।