पाकिस्तान में इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार से दो महीने पहले अलग होने वाली मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) ने एक बार फिर इसका हिस्सा बनने का फैसला लिया है। सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने एमक्यूएम-पी को एक अतिरिक्त मंत्रालय देने के साथ ही कराची और हैदराबाद के विकास के लिए पैसा देने का आश्वासन दिया है।
एमक्यूएम-पी समन्वयक डॉ. खालिद मकबूल सिद्दीकी ने 12 जनवरी को इमरान सरकार से इस्तीफा देने का एलान किया था। वह सरकार में सूचना तकनीक और दूरसंचार मंत्री थे। उनका आरोप था कि पीटीआई ने वादों को पूरा नहीं किया।
हालांकि उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी पीटीआई सरकार को समर्थन देना जारी रखेगी। इस बार एमक्यूएम-पी ने फैसला लिया है कि डॉ. सिद्दीकी की जगह एमएनए अमीनुल हक सरकार में शामिल होंगे और उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार मंत्रालय का कार्यभार मिलेगा। साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता फैसल सब्जवारी को मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री के विशेष सहायक के तौर पर शामिल किया जाएगा।