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Pakistan: चीन ने की फिदायीन हमले की जांच और दोषियों को सजा की मांग, धमाके में पांच चीनी नागरिकों की गई थी जान

Wed, 27 Mar 2024 05:20 AM IST
यशोधन शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

इस हमले में मारे गए चीनी नागरिक दासू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े थे। मृतकों में एक महिला इंजीनियर भी शामिल है। बाशिम पुलिस थाना क्षेत्र के प्रमुख बख्त जहीर ने बताया कि विस्फोटकों से लदा वाहन चीनी इंजीनियरों की बस में सामने से टकराया।
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पाकिस्तान आतंकी हमला - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के शांगला में हुए आत्मघाती हमले में पांच चीनी नागरिकों की मौत को लेकर चीन ने गहन जांच की मांग की है। जियो न्यूज ने मंगलवार को मलकंद के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) का हवाला देते हुए बताया कि एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे अपने वाहन से चीनी नागरिकों से भरी कार में टक्कर मार दी।

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दरअसल, इस हमले में मारे गए चीनी नागरिक दासू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े थे। मृतकों में एक महिला इंजीनियर भी शामिल है। बाशिम पुलिस थाना क्षेत्र के प्रमुख बख्त जहीर ने बताया कि विस्फोटकों से लदा वाहन चीनी इंजीनियरों की बस में सामने से टकराया। वे दासू स्थित अपने शिविर में जा रहे थे, जहां बांध बनाने का काम चल रहा है।

चीनी दूतावास ने हमले की जांच और अपराधियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है। चीनी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने तुरंत आपातकालीन कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने मांग की है कि पाकिस्तानी हमले की गहन जांच करे, अपराधियों को कड़ी सजा दे और चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए व्यावहारिक और प्रभावी उपाय करे। 
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पहले भी हो चुके हैं हमले
वहीं, क्षेत्रीय पुलिस प्रमुख मोहम्मद अली गंडापुर ने बताया कि सीपैक के तहत दासू एक प्रमुख परियोजना है। इस क्षेत्र में पहले भी हमले हो चुके हैं। 2021 में एक बस में हुए विस्फोट में नौ चीनी नागरिकों सहित 13 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी घटना के बाद तुरंत चीनी दूतावास पहुंचे। पाकिस्तान स्थित चीनी दूतावास ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि पाकिस्तान से मांग की है कि हमले की गहन जांच की जाए और दोषियों को कड़ी सजा हो।  

चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का विरोध
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ग्वादर पोर्ट व चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपैक) के विरोध में है। बलूचिस्तान एक कबीलाई क्षेत्र था। 1947 में जब पाकिस्तान बना, तो जबरन इस क्षेत्र को पाकिस्तान में शामिल कर लिया गया। तब से लगातार बलोच लोग आजाद होने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन, पाकिस्तानी सेना उनका दमन करती रही है। इस दमन के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह के लिए बीएलए का गठन किया गया है।

पाकिस्तान के नौसेना अड्डे पर हमला, छह मरे
बलूचिस्तान प्रांत में सशस्त्र बलोच लड़ाकों ने एक पाकिस्तानी नौसेना हवाई स्टेशन पर हमला कर दिया। इसके बाद एयर बेस में घुसने की कोशिश की। पाकिस्तान ने हमले को नाकाम करने छह बलोच लड़ाके मारने का दावा किया है। यह हमला सोमवार रात तुरबत जिले में हुआ। मकरान के आयुक्त सईद अहमद उमरानी ने कहा कि सैनिकों ने पीएनएस सिद्दीकी नौसेना हवाई अड्डे पर आतंकवादी हमले को नाकाम कर दिया। हथियारबंद लोगों ने हवाईअड्डे की सीमा के तीन तरफ से हमला किया था।

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