पाकिस्तान की एक अदालत ने पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को पिछले साल 9 मई को दंगों में उनकी संदिग्ध भूमिका के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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बृहस्पतिवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ 9 मई 2023 को हुए दंगों के सिलसिले में 19 दिनों की हिरासत काटने के बाद पेश हुए। एक न्यूज रिपोर्ट के अनुसार हिरासत बढ़ाने के प्रस्ताव को अस्वीकार करने के बाद अदालत ने पीटीआई नेता केा 14 दिनों की पुलिस हिरासत में न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
बता दें कि कुरैशी पहले से ही आरोपों के चलते जेल में हैं। उनकी हिरासत की अवधि के दौरान अदिलयाला जेल में पूछताछ के लिए रखा गया था।
पीटीआई के संस्थापक और पार्टी उपाध्यक्ष को जनवरी में एक साइबर मामले में दस साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि दोनों को जेल से रिहा किए जाने की संभावना नहीं है, क्योंकि इमरान को तोशाखाना और इद्दत मामलों में सजा सुनाई गई थी, जबकि कुरैशी को हाल ही में 9 मई के दंगों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
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न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक और न्यायमूर्ति मियांगुल हसन औरंगजेब ने सिफर सजा को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर निर्णय की घोषणा की। हालांकि इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पीटीआई नेता शाह महमूद कुरैशी को साइफर मामले में बरी कर दिया था।