पाकिस्तान में हुए आम चुनाव में जीत हासिल करने वाले इमरान खान की पार्टी पीटीआई द्वारा समर्थित उम्मीदवार कट्टरपंथी 'सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल' में शामिल हो गए हैं। पीटीआई समर्थित सभी उम्मीदवार बुधवार को पाकिस्तान चुनाव आयोग में हलफनामा दाखिल कर आधिकारिक रूप से सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल में शामिल हो गए। सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल इस्लामी राजनीतिक और धार्मिक दलों का एक गठबंधन है जो सुन्नी इस्लाम के मानने वालों का प्रतिनिधित्व करता है। पीटीआई पार्टी और सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल के बीच सोमवार को निर्दलीय उम्मीदवारों को शामिल करने को लेकर औपचारिक समझौता हुआ था।
क्यों सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल में शामिल हुए पीटीआई समर्थक उम्मीदवार
पाकिस्तान के कानून के अनुसार, चुनाव में जीत दर्ज करने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों को परिणामों की अधिसूचना जारी होने के तीन दिनों के भीतर किसी पार्टी में शामिल होना जरूरी है। यही वजह है कि पीटीआई समर्थित उम्मीदवारों ने विचार-विमर्श के बाद सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल में शामिल होने का फैसला किया। इमरान खान की पार्टी पीटीआई सीधे तौर पर पाकिस्तान चुनाव में शामिल नहीं हुई थी क्योंकि पीटीआई के चुनाव चिन्ह बैट को चुनाव आयोग ने छीन लिया था। ऐसे में पीटीआई उम्मीदवार निर्दलीय के तौर पर चुनाव में उतरे थे।
पीटीआई के तीन शीर्ष नेताओं ने नहीं दाखिल किया हलफनामा
पीटीआई समर्थित 89 उम्मीदवारों ने अभी हलफनामा दाखिल किया है। हालांकि पार्टी के तीन नेताओं बैरिस्टर गौहर खान, पार्टी की तरफ से पीएम पद के उम्मीदवार उमर अयूब खान, अली अमीन गंडापुर ने अभी भी अपना हलफनामा दाखिल नहीं किया है। दरअसल पीटीआई में जल्द ही संगठन स्तर के चुनाव होने हैं। जिनमें उमर अयूब खान और बैरिस्टर गौहर पीटीआई संगठन चुनाव में उतरेंगे। ऐसे में दोनों नेताओं ने जानबूझकर हलफनामा दाखिल नहीं किया है।
पीटीआई समर्थित उम्मीदवारों ने जीती थीं सबसे ज्यादा सीटें
वहीं गंडापुर को पार्टी ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के नए सीएम के तौर पर नामित किया है। ऐसे में गंडापुर ने भी सुन्नी इत्तेहाल काउंसिल की सदस्यता नहीं ली है। पाकिस्तान में बीती 8 फरवरी को हुए आम चुनाव में पीटीआई समर्थित 93 उम्मीदवारों को जीत मिली थी। वहीं नवाज शरीफ की पीएमएल-एन को 75 और बिलावल भुट्टो की पार्टी पीपीपी को 54 सीटों पर जीत मिली थी। पीटीआई चुनाव में धांधली के आरोप लगा रही है। रावलपिंडी के पूर्व आयुक्त ने भी हाल ही में चुनाव में धांधली को लेकर खुलासा किया था, जिससे पीटीआई के दावों को मजबूती मिली है।