पाकिस्तान में जल्द ही विद्यालयों में बच्चों को पिटाई की सजा नहीं दी जा सकेगी। पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शीरीन मजारी ने गुरुवार को इस संबंध में इस्लामाबाद हाईकोर्ट को बताया है। हालांकि इस्लामी मुद्दों पर सलाह देने वाली एक संस्था ने इस कदम का विरोध किया है।
मजारी ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट (आईएचसी) को कहा कि संघीय मंत्रिमंडल ने बच्चों की पिटाई की सजा पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक विधेयक को मंजूरी दी है और इसे संसद में बहस के बाद पारित किया जाएगा।
पाकिस्तानी गायक और कार्यकर्ता शहजाद रॉय की पाकिस्तान के विद्यालयों में बच्चों की पिटाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए आईएचसी के मुख्य न्यायाधीश अतहर मिन्नलाह ने आश्चर्य जताया कि मंत्रिमंडल ने मार्च 2019 में इस विधेयक को मंजूरी दे दी, लेकिन इसके बाद भी संसद में विधेयक को पेश क्यों नहीं किया गया।