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कोरोनावायरस की वजह से दुनियाभर में 29 करोड़ बच्चे घरों में कैद

Thu, 05 Mar 2020 04:17 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

  • स्कूल कॉलेज बंद होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर - यूनेस्को
  • तलाश रहे हैं बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को जारी रखने के रास्ते
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कोरोनावायरस का कहर: इस वायरस ने भारत में दी दस्तक - फोटो : PTI (File)
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विस्तार
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कोरोनावायरस के आतंक ने दुनिया के 13 देशों के करीब 29 करोड़ बच्चों को घरों में कैद कर दिया है। स्कूल कॉलेज बंद होने से ये बच्चे अपने करियर को लेकर बेहद चिंतित हैं क्योंकि इनकी पढ़ाई को बहुत नुकसान हो रहा है।

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ये जानकारी युनाइटेड नेशंस एजुकेशनल साइंटिफिक और कल्चरल ऑर्गेनाइजेशन यानी यूनेस्को ने दी है। यूनेस्को के महानिदेशक आड्रे अजोले ने कहा है कि हम इन देशों से लगातार संपर्क कर रहे हैं और वहां बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को जारी रखने के रास्ते तलाश रहे हैं।

चीन समेत कई देशों में स्कूल कॉलेज लंबे समय से बंद हैं और ये बच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं। हालांकि ऐसे नाजुक मौकों पर स्कूल कॉलेजों का बंद किया जाना कोई नई बात नहीं है लेकिन इतने लंबे समय तक ऐसा होने से बच्चों की पढ़ाई के अधिकार को खतरा होता है और उनके सेहत पर भी इसका असर होता है।
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यूनेस्को के मुताबिक अभी स्कूल कॉलेज बंद किए जाने का सिलसिला जारी है और अब ये महज 13 देशों तक ही नहीं सीमित है। चार मार्च के बाद से 22 और देशों ने अपने यहां स्कूल कॉलेज बंद करने का एलान कर दिया है।

यूनेस्को ने ये भी कहा है कि वह कोरोनावायरस (कोविड-19) के तेजी से फैलने की वजहों को रोकने पर नजर रख रहा है और स्कूल कॉलेज बंद करने की स्थिति में वैकल्पिक शिक्षा के दूसरे रास्ते तलाशने में भी लगा है।

ऐसे देशों को यूनेस्को तात्कालिक तौर पर मदद देने को तैयार है। चीन से शुरू हुए इस कोरोना वायरस की वजह से अब तक तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

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