पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को सिफर मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के अभियोग को अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया है। यह मामला एक गुप्त दस्तावेज को सार्वजनिक (साइफर मामला) करने से संबंधित है, जिसका उपयोग इमरान खान ने पिछले साल अप्रैल में सत्ता से बाहर करने के लिए अपने विरोधियों की आलोचना करने के लिए किया था।
हालांकि, दस्तावेज उनके पास से गायब हो गया था, जिसके बाद उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने आरोप लगाया कि दस्तावेज में अमेरिका की तरफ से इमरान खान को पद से हटने के लिए धमकी दी गई थी।
विशेष अदालत के जज अब्दुल हसनत जुलकरनैन ने मंगलवार को साइफर केस की सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान बैरिस्टर सलमान सफदर और खालिद युसूफ चौधरी भी वहां मौजूद थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी की पत्नी और बेटी 71 वर्षीय इमरान खान के वकील के तौर पर मौजूद थी।
नौ अक्तूबर को कोर्ट के आदेश के अनुसार दोनों पीटीआई नेताओं को मंगलवार को दोषी ठहराए जाने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन अदालत ने सुनवाई को अगले हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया। सुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए वकील शेर अफजल मरवत ने कहा कि इमरान खन और महमूद कुरेशी को अगली सुनवाई के दौरान दोषी ठहराया जाएगा।